किसान दिवस में किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान का मामला प्रमुखता से उठाया। किसानों ने बकाया गन्ने का भुगतान अभी तक नहीं होने पर जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों ने कहा कि चीनी मिलों पर जिले के किसानों का 800 करोड़ रुपये बकाया है।
किसानों ने भुगतान नहीं करने पर चीनी मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए चेतावनी दी कि राजस्व वसूली करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों का विरोध किया जाएगा। कलक्ट्रेट में होने के बाद भी डीएम किसान दिवस में नहीं पहुंच पाए, जिस पर किसानों ने रोष प्रकट किया।
बुधवार को जिला पंचायत के चौधरी चरण सिंह सभागार में हुए किसान दिवस में किसान बड़ी संख्या में शामिल रहे। किसानों में भाकियू के कार्यकर्ताओं संख्या अधिक थी। एडीएम वित्त सियाराम मौर्य ने किसानों की समस्याएं सुनीं। जिलाधिकारी बैठक में शामिल नहीं हो सके। किसानों ने राजस्व विभाग द्वारा किसानों से हो रही वसूली का विरोध किया।
बैंकों से जारी नोटिस और तहसील स्तर से हो रही कार्रवाई पर आक्रोश जताया। हंगामा करते हुए किसानों ने कहा कि जिस तरह की कार्रवाई उन पर हो रही हैं, ऐसी कार्रवाई चीनी मिलों पर क्यों नहीं की जा रही। चीनी मिलों पर जिले के किसानों का 800 करोड़ रुपये बकाया है। भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने बैंकों से जारी नोटिस, बिजली विभाग के बिल भुगतान होने तक रोकने को कहा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कर्मचारी किसान से वसूली करने पहुंचा तो उसका विरोध किया जाएगा। किसान दिवस की बैठक में रोहाना शुगर मिल की फर्जी पर्चियों की जांच का मामला गर्माया।
डीसीओ ने बताया कि फर्जी पर्चियों का किसानों का भुगतान रोक दिया गया है। इस मामले में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। बैठक में विभिन्न विभागों से जुडे़ अधिकारियों के अलावा किसान योगेश शर्मा, विकास शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, विपिन, अंकित, मनोज सहरावत, शाहिद, विपुल, अमरजीत, सन्नी, सतीश आदि मौजूद रहे।