मुजफ्फरनगर में ग्राम पंचायत चुनाव का दूसरा चरण संगीनों के साए में हुआ। जिले में 77.27 प्रतिशत मतदान हुआ। जानसठ में सबसे ज्यादा 79 प्रतिशत वोट पड़े। खतौली में 73.9 प्रतिशत और मोरना में 76.7 प्रतिशत वोट पड़े। खतौली के अंतवाड़ा गांव के लोगों ने दूसरे गांव में वोट बनाने का विरोध करते हुए चुनाव का बहिष्कार किया। जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए मतदान के दौरान सहारनपुर के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल और डीआईजी एके राघव जिले में ही रहे। चुनाव प्रेक्षक आरपी सिंह ने भी मोरना, जानसठ और खतौली क्षेत्र में चुनाव व्यवस्था का निरीक्षण किया।
ग्राम पंचायत के दूसरे चरण में जिला प्रशासन बेहद चौकन्ना रहा। संवेदनशील गांवों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मोरना, जानसठ, खतौली ब्लाक के संवेदनशील गांवों में कोई बड़ी घटना न हो जाए इसे देखते हुए मंडलायुक्त और डीआईजी जिले में ही डेरा डाले रहे। दोनों अधिकारियों ने संवेदनशील गांवों का दौरा भी किया।
कमिश्नर एमपी अग्रवाल और डीआईजी एके राघव ने भोपा, मोरना और शुक्रताल के बूथों का निरीक्षण भी किया। डीएम निखिलचंद्र शुक्ला और एससपी केबी सिंह व्यवस्था को देखने के लिए मंसूरपुर, दौलतपुर, कवाल, झाल चितौड़ा, मुझेड़ा, बेहड़ा सादात, कासमपुर, तुल्हेड़ी, खाईखेड़ा, कुतुबपुर, मीरापुर, ककरौली, नगला बुजुर्ग, जौली, भोपा, मोरना, गंगधाड़ी, नावला, सिखेड़ा, तालड़ा, जटवाड़ा, तेवड़ा, चौरावाला, सौंटा, सराय रसूलपुर, बेहड़ा अस्सा, भैंसी आदि गांवों में पहुंचे।
चुनाव में कोई बवाल न हो जाए इसे देखते हुए खतौली क्षेत्र के गांव भैंसी, भायंगी, गंगधाड़ी, भंगेला के प्रत्याशियों और महिला प्रत्याशियों को पतियों को चुनाव संपन्न होने तक थाने बैठाए रखा। जानसठ रोड पर रहने वाले लोगों के वोट खांजहापुर में बने थे।