जिले में 719 नए संक्रमित मिले, तीन मौत
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण जिले में थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को भी संक्रमितों की संख्या 719 आई, जबकि कोरोना से जिले में तीन मौत हुई है। जनपद कोरोना के सक्रिय मामले 5638 हो गए हैं।
कोरोना महामारी जनमानस में बड़ी तेजी के साथ फैलती जा रही है। जिले का कोई गांव और शहर की कोई गली ऐसी नहीं बची है, जिसमें कोरोना का संक्रमण नहीं पहुंचा। रविवार को भी जिले में 719 कोरोना संक्रमित पाए गए है। इसमें आरटीपीसीआर, एंटीजन और प्राइवेट लैब के रिजल्ट के आधार पर संक्रमितों की पहचान की गई है।
जिला प्रशासन ने अपने रिकार्ड में तीन मृत्यु भी दिखाई है। जिले में इस समय 5638 कोरोना के एक्टिव मामले हैं। कोविड हॉस्पिटल में अभी कोरोना के बीमारो की संख्या रुकी नहीं है। शहर के सभी हॉस्पिटल फुल है। मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर गौरव स्वरूप का कहना है कि दो-तीन दिन से शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के मरीज अधिक आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि शहर में धीरे-धीरे स्थिति कंट्रोल होने लग रही है। ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ रहे हैं मामले
मुजफ्फरनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में लोग कोरोना को लेकर अभी भी लापरवाह बने हैं। मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं और सामाजिक दूरी बनाए रखने का पालन नहीं कर रहे है। चुनाव के बाद गांवों में यह महामारी बहुत ही तेजी के साथ फैल रही है। गांवों में बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में है और मृत्यु का आंकड़ा अचानक बढ़ गया है।
हर घर दवा पहुंचा रहे : अमित
मुजफ्फरनगर। एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर, गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही है। जिन परिवारों में लोग बीमार है, बुखार, नजला, खांसी कोई भी लक्षण है, उन घरों में कोरोना किट पहुंचाई जा रही है। यह अभियान लगातार चल रहा है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसमें सहयोग कर रही है। जब तक सभी घरों का सर्वे नहीं हो जाता अभियान जारी रहेगा।
ऑक्सीजन वितरण की सही व्यवस्था नहीं
मुजफ्फरनगर। जिले में ऑक्सीजन गैस की लगातार आपूर्ति होने के बाद भी आम आदमी को उसकी आवश्यकता के हिसाब से ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। जिला प्रशासन ने कोई निश्चित व्यवस्था नहीं की है।
रविवार को भी आईटीआई मैदान के बाहर मेरठ रोड पर लोगों की लंबी कतारे लगी रही। लोग होम आइसोलेशन के लिए चिकित्सकों के पर्चे भी साथ लिये हुए थे। शहर में कई दिन सेे हालात यह है कि ऑक्सीजन नंबर दो में बिक रही है और होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। प्रशासन की ऑक्सीजन वितरण को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है।