मुजफ्फरनगर। नगरपालिका में एक बार फिर विज्ञापन एजेंसियों के नवीनीकरण को लेकर बवाल मचा हुआ है। नवीनीकरण के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रहे पालिका के कर अधीक्षक आरडी पोरवाल इससे पहले भी विवादों में घिरे रहे हैं। पिछले वर्ष भी प्रतिबंधित स्थलों पर विज्ञापन सामग्री लगवाने को लेकर वह सुर्खियों में रहे थे। चेयरपर्सन ने उन्हें विज्ञापन संबंधी कार्य से मुक्त कर दिया था, लेकिन उन्होंने एक बार फिर छह एजेंसियों का नवीनीकरण करा दिया।
आचार संहिता लागू होने के बावजूद नगर पालिका में छह विज्ञापन एजेंसियों का नवीनीकरण कर दिया गया। साथ ही शुल्क भी नगर पालिका के खाते में जमा करा लिया गया था। यह मामला पकड़ में आने के बाद चेयरपर्सन ने नगर पालिका के कर अधीक्षक आरडी पोरवाल के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। दरअसल कर अधीक्षक आरडी पोरवाल का विवादों में रहने का यह पहला मौका नहीं है। वह अपनी कारगुजारियों के कारण पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। बीते वर्ष प्रतिबंधित स्थलों पर होर्डिंग्स व अन्य प्रचार सामग्री लगवाने को लेकर भी वह चर्चाओं में थे। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने उन्हें जारी किए नोटिस में कहा है कि वह बार-बार इस तरह के कृत्य कर रहे हैं। इससे साफ है कि उनकी कार्यशैली एक अनुशासनहीन और गैर जिम्मेदाराना कर्मचारी की है। चेयरपर्सन ने उन्हें गलत तरीके से विज्ञापन एजेंसियों का नवीनीकरण का जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।