फर्श पर बैठकर पढ़ने को विवश हैं विद्यार्थी
भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव जौली में विकास खंड मोरना का एकमात्र राजकीय इंटर कॉलेज समस्याओं से जूझ रहा है। दो साल पूर्व आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हुए इंटर कॉलेज में एकमात्र शिक्षिका संबद्ध है, जबकि अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या महज 25 ही है। फर्नीचर के नाम पर ग्रामीणों से मांगे गए तख्त व कुर्सी से काम चलाया जा रहा है, जबकि छात्र-छात्राएं फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं।
मोरना विकास खंड के गांव जौली में वर्ष 2018 में करोड़ों की लागत से राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कराया गया था, जिसे इसी साल आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू करते हुए शैक्षिक सत्र शुरू कर दिया गया था। कॉलेज में एकमात्र शिक्षिका नीशाद परवीन को संबद्ध किया गया है। वहीं, लिपिक के तौर पर अनुतोष, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेंद्र व एक अन्य पद पर प्रीति कुमारी तैनात हैं। कॉलेज में पिछले साल के ही मात्र 25 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि इस साल कोई एडमिशन अब तक नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कॉलेज में समस्याओं का अंबार है, जिसके चलते यहां एडमिशन नहीं होते। फर्नीचर के नाम पर कॉलेज में ग्रामीणों से मांगकर एक तख्त व कुर्सी डाली गई है, जिससे छात्र-छात्राएं फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। स्टाफ नहीं होने से जब कभी एकमात्र शिक्षिका नीशाद परवीन सरकारी कार्य से चली जाती है, उस दिन कॉलेज में छुट्टी हो जाती है। ग्राम प्रधान रेहाना परवीन का कहना है कि अधिकारियों से मिलकर कॉलेज की इस समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।