मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि रिश्वत और कमीशन मांगने वाले अफसर जेल जाने के लिए तैयार रहे। किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी, कर्मचारी प्राधिकरण की छवि को सुधारने का काम करें।
विकास प्राधिकरण में आयोजित अधिकारियों की बैठक लेते हुए डीएम ने कहा कि यह पहली और अंतिम चेतावनी है, नक्शे पास करने में रिश्वत मांगने और विकास कार्यों में कमीशन का दबाव देने की शिकायत मिली तो सीधी कार्रवाई होगी। किसी कार्य करने में भ्रष्टाचार की शिकायत आई तो संबंधित की खैर नहीं। अपने आचरण में आज से ही परिवर्तन ले आएं और यह परिवर्तन जनपदवासियों को दिखना चाहिए। चेतावनी दी कि जो निर्देश दिए जा रहे हैं उनका कड़ाई से अनुपालन किया हो। अधिकारी, कर्मचारी पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी से अपना कार्य करें। कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।
डीएम ने कहा कि जो भी निर्माण कार्य कराए जाएं उनमें गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अगर निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलती है तो तत्काल उसकी जांच कराई जाएगी और दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि वह अपने अपने पटल का स्वयं निरीक्षण कर लें और उसकी रिपोर्ट तैयार कर लें। सचिव विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि ठेकेदारों के साथ भी एक बैठक का आयोजन कर लें। प्राधिकरण अपने आय संसाधनों को सुदृढ़ करें। अवैध बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण कराया जाए। प्राधिकरण की आय बढ़ाने में प्रयास किए जाएं, नक्शा पास करने में देरी न की जाए। बैठक में सचिव विकास प्राधिकरण महेंद्र प्रसाद, अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह सहित प्राधिकरण के अधिकारी, अभियंता एवं कर्मचारी मौजूद रहे।