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जहर परोसने वाले सात आरोपियों को हुई थी सजा

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देवबंद (सहारनपुर)। वर्ष 2009 में देवबंद क्षेत्र में भी जहरीली शराब ने कहर बरपाया था, तब 10 सितंबर से शुरू हुआ मौत का सिलसिला 36 लोगों की मौत होने पर जाकर थमा था। उस मामले में छह आरोपियों को सात साल कारावास और एक को उम्र कैद की सजा अदालत ने सुनाई थी, जबकि कई लोग दोषमुक्त हो गए थे।
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10 सितंबर 2009 को देवबंद क्षेत्र में जहरीली शराब का जाम पीकर 12 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें गांव खजूरी का राजेंद्र, पठानपुरा का मंगल, बेरुन कोटला का राजेंद्र, नन्हेड़ा आसा का चंद्रबोस, मटकोटा का अय्याज खां, किला का शकील, अंदरून कोटला का मुन्ना, अबुलमाली का मो. मियां, खजूरी का संतरपाल, शीशपाल, तीर्थपाल और श्याम कुमार शामिल थे, जबकि 11 सितंबर को रणखंडी गांव में जहरीली शराब पीने से जितेंद्र, राजेंद्र और चंद्रपाल की मौत हुई थी। इसके बाद मौत का सिलसिला लगातार बढ़ता गया और आंकड़ा 36 तक पहुंच गया था।
इस मामले में देवबंद कोतवाली में उस समय तैनात रहे कोतवाल विष्णु चंद गौतम की ओर से अवैध शराब बेचने वाले लबकरी निवासी सूरजभान, लालवाला निवासी शेरू उर्फ शेर सिंह, लबकरी निवासी आत्माराम और उसके बेटे संजू, लालवाला निवासी संजय ठाकुर, पद्म सिंह, किशन, तलहेड़ी बुजुर्ग निवासी इस्लाम, घलौली निवासी मनोज त्यागी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जबकि रणखंडी में हुई मौतों के मामले में वहीं के रहने वाले रविंद्र सिंह ने सत्यपाल उर्फ सत्तो, कृष्ण सिंह, भगत सिंह और बीर सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में 25 फरवरी 2013 को अदालत ने मनोज, चुग्गा, रतिराम, अंबरीश, ओमवीर, मदन और नेत्रपाल को सजा सुनाई थी। जिसमें से मनोज त्यागी समेत कई आरोपी जमानत पर छूटे हुए हैं, जबकि लालवाला निवासी मंगलराम सहित कई लोगों को अदालत ने दोषमुक्त भी कर दिया था। पुलिस की माने तो शराब कारोबारियों ने जेल से छूटने के बाद इस धंधे को फिर से अंजाम देना शुरू कर दिया। आलम यह है कि गांव गांव में कच्ची शराब की भट्टियां सुलग रही हैं। जिसका नतीजा शुक्रवार की सुबह देखने को मिला। जहरीली शराब का जाम पीने से जहां देवबंद क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई।
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शराब कांड में दो दर्जन से अधिक हुए थे नामजद, 14 पर हुई थी गैंगस्टर की कार्रवाई
देवबंद। देवबंद में हुए शराब कांड के बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने युद्धस्तर पर अवैध शराब माफियाओं के विरुद्ध छापेमारी अभियान चलाया और दो दर्जन से अधिक लोगों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थीं। इतना ही नहीं उस समय 14 शराब कारोबारियों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी। लेकिन उसके बावजूद उक्त लोगों ने यह धंधा बंद नहीं किया और जेल से जमानत पर छूटने के बाद फिर से बड़े पैमाने पर इन्होंने कारोबार को जमा लिया।
इन गांवों में जहरीली शराब के जाम का शिकार हुए थे लोग
देवबंद। वर्ष 2009 में जहरीली शराब पीने से खजूरी गांव में 9, जड़ौदा जट्ट में 2, नन्हेड़ा आसा में 3, लबकरी में 3, भायला में 1, घलौली में 4, रणखंडी में 4, देवबंद में 9 और लखनौती में 1 व्यक्ति की मौत हुई थी।
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