मोरना। गंगा में जल प्रभाव की बढ़ोत्तरी को लेकर शुक्रताल गंगाघाट पर दूसरे दिन भी धरना दिया। धरने पर नमामी गंगे कार्यकारिणी सदस्य डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि गंगा में जल के तेज प्रवाह को लेकर केंद्रीय गंगा मंत्रालय को अवगत कराते हुए शुक्रताल को पर्यटक स्थल घोषित किए जाने की मांग रखी जा चुकी है।
शुक्रताल गंगाघाट पर गंगा सेवा समिति के तत्वाधान में समाज सेवियों और घाट पुजारियों ने गंगा में जल की बढ़ोत्तरी को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। दूसरे दिन बुधवार को तिलकधारी आश्रम के संचालक स्वामी विष्णु आचार्य महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां गंगा को जीवनदायिनी माना गया है। शुक्रताल भागवत उद्गम स्थल पीठ है। जिसके चहुमुंखी विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार को हिंदू आस्था के लिए विशेष विकास कार्ययोजना में शामिल करना होगा। संचालन करते हुए डॉ महकार सिंह ने कहा कि लक्सर के निकट भोगपुर व विश्नपुर से पाइप लाईनों के द्वारा बड़ी गंगा से पंपों के द्वारा गंगा जल को बढ़ाया जा सकता है। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य इंदपाल राणा ने की। मौके पर गोविंद शुक्ला, विपिन मैनेजर, लक्ष्मी ठाकुर, स्वामी गोपालचार्य महाराज, सुरेंद्र, देवेंद्र, महेश आदि धरने में शामिल रहे।