डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि उद्यमियों से चर्चा एवं सुझाव प्राप्त करके ही नई औद्योगिक नीति बनाई गई है। उद्यमी नई औद्यागिक नीति 2017 का अध्ययन करले कि वो किस प्रकार इसका लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ की तर्ज पर आईटी पार्क जनपद में भी बनाया जा सकता है। उन्होंने 30 लाख से नीचे की परचेजिंग जैम पोर्टल के माध्यम से करने तथा जैम पोर्टल पर उद्यमियों को रजिस्ट्रेशन कराने का मशविरा भी दिया।
चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंड्रस्टी हॉल औद्योगिक आस्थान में नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के संबंध में आयोजित कार्यशाला में डीएम ने कहा कि उद्यमियों की मदद के लिए और उन्हें कुशल हैंड उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित, प्रशिक्षु उपलब्ध हैं। उद्यमी हमें अपनी आवश्यकता बताए कि उन्हें किस ट्रेंड में कितने प्रशिक्षित कार्मिक चाहिए। उन्होंने कहा कि नए उद्यमियों के लिए भी अनेकों योजनाएं हैं। पीएमईजीपी योजना में 25 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने मुजफ्फरनगर के औद्योगिक इतिहास पर किताब लिखे जाने के भी निर्देश जीएमडीआईसी को दिए। उद्यमियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी जा रही है और सुरक्षा का माहौल दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडीमेंट गारमेंट के काफी उद्योग है उन्हें एकत्रित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्लाइवुड हब के रूप में विकसित करने के रूप में उन्होंने जीएमडीआईसी को निर्देश दिये है कि इस संबंध में भी व्यापारियों से चर्चा करे।
डीएम ने बताया कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के एलि दो करोड़ तक के कोलेटरल फ्री ऋण हेतु बैंकों द्वारा क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर स्माल इंटरप्राइजेज के लिए जाने वाले वन टाइम गारंटी फीस तथा वार्षिक सेवा शुल्क का भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा बजट प्राविधान कराते हुए वहन किया जायेगा। इसके पूर्व पूर्व संयुक्त आयुक्त उद्योग एनके सिंह एवं जीएमडीआईसी द्वारा उद्यमियों के प्रश्नों के उत्तर दिये और उनकी हर समस्या का समाधान कराये जाने में सहयोग का आश्वासन दिया।