ट्रेन हादसे से शहर के दो घरों में कोहराम
मुजफ्फरनगर। रेल हादसे में शहर के रामपुरी निवासी विनीत मित्तल और इंदिरा कॉलोनी के इंजीनियर रामपाल शर्मा की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव घरों पर गया तो पूरा माहौल सहम गया। अकस्मात हुई मौत से परिजनों का रोकर बुरा हाल था। काली नदी स्थित श्मशान घाट पर बड़ी संख्या में लोगों ने दोनों मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इंदिरा कॉलोनी के रामपाल सिंह मेरठ में इंजीनियर के रूप में तैनात थे। रविवार को छुट्टी होने के कारण शनिवार की शाम वह अपने घर आ रहे थे। हादसे में करंट से उनका चेहरा इतना झुलस गया कि परिजनों को पहचान करना मुश्किल हो गया। कपड़ों आदि से परिवार के लोगों ने खतौली जाकर उनकी पहचान की। 59 वर्षीय रामपाल शर्मा अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटी छोड़ गए हैं। उनका शव जब घर पर पहुंचा तो बड़ी संख्या में लोग उनके घर पर एकत्र हो गए। परिवार को रोकर बुरा हाल था। रामपाल शर्मा के साथ पोस्टमार्टम हाउस से स्वतंत्र कुमार मित्तल के जवान बेटे विनीत मित्तल का शव भी घर पहुंचा।
विनीत मित्तल मेरठ के बोनांजा पेपर मिल में नौकरी करता था और प्रतिदिन ट्रेन से ही घर आता था। देर रात खतौली जाकर परिजनों ने उसकी पहचान की। 34 वर्षीय विनीत अपने पीछे दो बच्चों और पत्नी को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। शव जैसे ही घर पहुंचा जवान मौत पर कोई भी अपने आंसू नहीं रोक पाया। दोनों का शव एक साथ काली नदी स्थित श्मशान घाट पहुंचा। दोनों मृतकों को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग शमशान घाट पहुंचे। भाजपा नेता केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान, विधायक कपिलदेव अग्रवाल, विधायक विजय कश्यप, सत्यपाल पाल, जगदीश पांचाल, श्रीमोहन तायल, एमएलीसी मुश्ताक चौधरी, सुधीर भारतीय, रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।