मुजफ्फरनगर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जनपद की 30 इंडस्ट्रियों की प्रदूषण विभाग से रिपोर्ट मांगी है। इन इंडस्ट्रियों का गंदा पानी धनौरा और भंडूरा के नालों में गिरता है, जिससे भू-जल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। कूकड़ा के अश्वनी कुमार की डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए विभाग से 25 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
गांव कूकड़ा निवासी अश्वनी कुमार ने बिलासपुर के गांव भिक्की में लगी त्रिवेणी इंडस्ट्री डिस्टलरी को लेकर एनजीटी में वाद दायर किया था। इसके अलावा भी त्रिवेणी इंडस्ट्री को लेकर अश्वनी ने केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड और लखनऊ भू-जल विभाग से आरटीआई के तहत अनेक बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, जिसमें बोर्ड के निरीक्षण से लेेकर दस साल में इंडस्ट्री द्वारा अपनाए गए मापदंडों की जानकारी मांगी है। इसी को लेकर अश्वनी ने एनजीटी में वाद दायर कर रखा था। इस पर एनजीटी ने नौ अगस्त को सुनवाई कर कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी की कोर्ट ने त्रिवेणी के साथ ही धनौरा और भंडूरा नाले में पानी छोड़ने वाली करीब 30 इंडस्ट्रियों के बारे में रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी ने 25 अगस्त तक सभी इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। इससे इंडस्ट्रियों में खलबली मची हुई है।