अमर उजाला फाउंडेशन ने रक्तदान के रूप में महादान का अवसर दिया तो दूसरों की जिंदगी बचाने की मुहिम में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर लगाए गए शिविर में पुरुषों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वैच्छिक रक्तदान किया। शिविर में 70 नागरिकों ने रक्तदान कर महादानी बनने का गौरव हासिल किया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से विश्व रक्तदान दिवस पर बुधवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने फीता काटकर किया। इस मौके पर विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि अमर उजाला की यह पहल काबिल-ए-तारीफ के साथ समाज को जागरूक करने वाली है। रक्तदान से किसी जरूरतमंद की जिंदगी को बचाया जा सकता है। इससे बड़ा कोई पुनीत कार्य नहीं है।
सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने कहा कि आज देश-प्रदेश में सबसे अधिक मौत सड़क हादसों में रक्तस्राव से होती है। हर स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। इससे शारीरिक लाभ होता है। सुबह 10 बजे से शुरू हुए शिविर में शाम तीन बजे तक नागरिकों की भीड़ उमड़ी रही। शिविर में 70 नागरिक रक्तदान कर महादानी बने। रक्तदान करने वाले नागरिकों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया गया।
शिविर में ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. पीके त्यागी, अभिषेक चौधरी, रामपाल मांडी, भीमसैन कंसल, रविंद्र चौधरी, प्रेमपाल सिंह, अनिल मुन्नू, भगत सिंह, ब्लड बैंक के टेक्निकल असिस्टेंट डॉ. शौराज सिंह, प्रभाषचंद, जितेंद्र कुमार, शमशेर सिंह, कंवरपाल, श्रीपाल, रेखा, विकास, आजाद आदि का सहयोग रहा। अमर उजाला प्रबंधन की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया गया।
महिलाओं में भी दिखा उत्साह
अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में महिलाओं, युवतियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर के शुरू होने से पहले ही रक्तदाताओं की भीड़ उमड़ने लगी। सुनीता, रविता, आकांक्षा, दीपिका समेत कई महिलाओं ने रक्तदान किया। इनके अलावा कई पुलिस कर्मियों ने भी शिविर में भाग लेकर रक्तदान किया। उधर, डॉ. पीके त्यागी ने बताया कि जिन नागरिकों ने रक्तदान किया है। उनके रक्त की जांच नि:शुल्क होगी। रक्त की जांच रिपोर्ट विभागीय स्तर पर चार दिन में तैयार होगी। रक्तदाता चार दिन बाद अपनी रिपोर्ट आकर देख सकते हैं।
रक्तदान के यह हैं फायदे
रक्तदान करने से शरीर के विषैले तत्व बाहर आ जाते हैं। रक्तदान करने से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है। इससे शरीर में नया रक्त बनता है और खून का संचार भी तेज होता है। रक्तदान के बाद मिलने वाले प्रमाण-पत्र के आधार पर रक्तदाता तीन माह के भीतर किसी भी ब्लड बैंक से रक्त ले सकता है।