विधिक माप विज्ञान विभाग ने चार ई-रिटेल कंपनियों सहित नौ कंपनियों के उत्पादों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मुकदमे दर्ज करने की कार्रवाई की है। साथ ही इन कंपनियों से सात लाख 55 हजार रुपये शमन शुल्क वसूला गया है। विधिक माप विज्ञान के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि ऑनलाइन रिटेल की कंपनी जबोंग डाट कॉम (कारपोरेट नाम नोवेरिस फैशन रिटेल प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम) के इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल पर उत्पादों की अनिवार्य जानकारी नियमानुसार उपलब्ध नहीं पाए जाने पर कंपनी को विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 18/36 के अधीन कारण बताओ नोटिस भेजा गया।
कंपनी के पास विभागीय पक्ष के विरुद्ध कोई विधिसंगत आधार न होने की स्थिति में उपनियंत्रक विधिक माप विज्ञान विभाग, सहारनपुर संभाग ने एक लाख आठ हजार शमन शुल्क निर्धारित किया गया। इसे कंपनी ने जमा करा दिया है। इसके अलावा स्नैपडील डाट कॉम (कारपोरेट नाम जैस्पर इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम) के इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल पर उत्पादों के मूल्य के साथ मात्रा की उचित एवं पर्याप्त जानकारी न मिलने पर कार्रवाई की गई। शमन शुल्क के रुप में एक लाख 40 हजार रुपये भुगतान जमा किया। ई-कामर्स की तीसरी कंपनी नायका रिटेल प्राइवेट लिमिटेड मुंबई से एक लाख रुपये तथा बिगबास्केट डॉट काम से 75 हजार रुपये शमन शुल्क वसूला गया।
वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि झंडू फार्मेसी के विज्ञापन में महिलाओं की शक्तिवर्धक औषधि स्त्रीवेदा के सेवन की विधि निश्चित व मानक इकाई ग्राम/मिली की मात्रा में न बताकर अमानक एवं अनिश्चित इकाई चम्मच के रुप में लिखने पर कार्रवाई की गई। इसमें कंपनी सेे 50 हजार शमन शुल्क जमा कराए गए। आयुर्वेद की दूसरी कंपनी श्री धूतापापेश्वर लिमिटेड के विज्ञापन में उत्पाद स्यामला की सेवन विधि अमानक इकाई में अंकित पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
इसमें 20 हजार रुपये शमन शुल्क वसूला गया। टी-बैग में रखी चाय की मात्रा न बताने पर गुडरिक चाय कंपनी, कोलकाता से 50 हजार रुपये जमा कराए गए। पांच कंपनियों को नोटिस दिया गया। इनके अलावा आदित्य बिरला रिटेल लिमिटेड से परिधानों की अधूरी जानकारी देने पर 70 हजार रुपये एवं रिको इंडिया के प्रोजेक्टर की अमानक इकाई पर 70 हजार रुपये का शमन वसूला गया है।