संवेदनशील मुद्दों पर न करें राजनीति
मुजफ्फरनगर। एसडी कॉलेज ऑफ लॉ में आयोजित विचार गोष्ठी में संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं करने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने भारतीय सेना की सराहना करते हुए पुलवामा हमले में शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
मंगलवार को एसडी कॉलेज ऑफ लॉ में लोकतंत्र में भारतीय सेना की भूमिका पर विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. मुकुल गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र की महती भूमिका में हम सभी की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है कि हम संवेदनशील मुद्दे को केवल राजनीतिक दृष्टि से न देखें। राष्ट्र राजनीतिक मतभेद को भुलाकर अपनी अखंडता को सुरक्षित रख सकता है, जिस दिन हमें यह समझ में आ जाएगा, उस दिन आतंकवाद जड़ से समाप्त हो जाएगा। छात्र रजत ने भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत बताया। सैनिकों का कर्तव्यबोध इतना अधिक है कि वे अपने देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। एयर स्ट्राइक इसका उदाहरण है। अवतार ने कहा कि आजादी से अब तक भारतीय सेना ने शौर्य की नई गाथाएं लिखी हैं। दीपांशु ने लोकतंत्र में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं बताया। इसे खत्म करने के लिए रक्षा बजट में बढ़ोतरी की बात कही। अनमोल, अमित ने आतंकवाद जैसे मुद्दे पर पूरे देश को एकजुट होने की सलाह दी। कॉलेज चेयरमैन अशोक सरीन तथा सचिव विनोद कुमार संगल ने भारतीय सेना के प्रति विश्वास प्रकट करते हुए कहा कि सेना के पराक्रम से हमारा लोकतंत्र सुरक्षित है। निदेशक मंजू मल्होत्रा ने आतंकवाद जैसे मामलों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश की वकालत की। प्राचार्य डॉ. रेनू गर्ग ने कहा कि आतंकवाद तभी समाप्त किया जा सकता है, जब हम अपने अंदर भारतीय होने का अभिमान पैदा कर सकें। इस अवसर पर अमित चौहान, प्रीति, छवि, अनीता, अमित त्यागी, वैभव, अमित भारद्वाज, गरिमा, प्रदीप सिंघल, संतोष शर्मा, बबीता गर्ग, पूनम शर्मा, अभिनव गोयल, उमेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।