खोदाई के दौरान खेत से मिली मूर्ति और मिट्टी के बर्तन
चरथावल ( मुजफ्फरनगर)। चरथावल के बलवाखेड़ी गांव के खाली पड़े खेत में खोदाई के दौरान अद्भुत मूर्ति मिलने से ग्रामीणों में काफी उत्सुकता है। खोदाई में खेत से मिट्टी के बर्तन और कुछ हड्डियां भी मिली हैं। पुलिस ने मूर्ति और मिट्टी के बर्तनों को सील कर दिया है। पुलिस ने बताया कि बर्तन और मूर्ति को पुरातत्व विभाग के पास परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे गांव बाढ़ निवासी पिंकेश पुत्र हरफूल मकान की छत पर मिट्टी डालने के लिए निकटवर्ती गांव बलवाखेड़ी के तेजपाल के खाली पड़े खेत में खोदाई करने पहुंचा। वह खेत से मिट्टी उठाकर ट्राली में भरने लगा। अचानक उसका फावड़ा एक पत्थरनुमा वस्तु से टकराया। उसकी नजर एक अद्भुत तरीके की मूर्ति पर पड़ी। इस पर उसने खोदाई रोक दी। उसने सुरक्षित तरीके से मूर्ति को निकाला। खोदाई में मिट्टी के बर्तन भी मिले। हालांकि कुछ हडिड्यां भी खाली खेत से मिली है। देवी-देवता की मूर्ति मानकर युवक उसे अपने गांव लेकर पहुंचा। मौके से पिंकेश ने मूर्ति की सफाई करने के बाद पूजा-अर्चना की तैयारी शुरू कर दी। उसने बताया कि उसके बड़े भाई सोमवीर ने मूर्ति का फोटो खींचकर व्हाट्सअप पर वायरल कर दिया। ग्रामीणों में मूर्ति देखने की होड़ मच गई। सूचना पर बिरालसी चौकी प्रभारी ब्रह्मजीत तोमर ने मूर्ति और मिट्टी के बर्तनों को कब्जे में लेकर सील किया और थाने भेजवाया।
खेत से मिली मूर्ति को लेकर जिज्ञासा
चरथावल। बाढ़ और बलवाखेड़ी की सीमा पर तेजपाल सिंह पुत्र उदय सिंह का खाली पड़ा खेत उबड़-खाबड़ है। ग्रामीण वहां से मिट्टी उठाते रहते हैं। बाढ़ गांव का पिंकेश बुधवार को पहली बार मिट्टी लेने पहुंचा था। वहां से मिली मूर्ति मिलने के बाद गांव के लोग भी खेत पर पहुंचे। यहां तक पिंकेश के बच्चे भी खेत को देखने पहुंचे। चौकीदार अमर सिंह ने पुलिस को सूचना दी। ग्रामीण ब्रजपाल सिंह, सोमवीर सिंह पिलखनी, बिरालसी के सोमपाल सिंह, प्रभात कुमार, जनेश्वर आदि में मूर्ति देवी-देवता की है या अजंता की गुफा की तरह किसी अन्य की है? यह जानने के लिए ज्ञिज्ञासा है।