खतौली। सफेदा रोड स्थित रेलवे फाटक के पास लगी लोहे की एंगल में गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली फंस गई। इससे फाटक बंद नहीं होने से रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में इमरजेंसी फाटक लगाए गए। इसके बाद ही ट्रेनों को सिग्नल देकर निकाला गया। उधर, कई घंटे की मशक्कत करने के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली निकाली जा सकी।
शनिवार की सुबह नौ बजकर 27 मिनट पर सफेदा रोड स्थित रेलवे फाटक के पास ओवरलोड वाहनों रोकने के लिए लगाई लोहे की एंगल में गन्नों से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली फंस गई। इस कारण फाटक बंद नहीं हो सके। फाटक बंद नहीं होने और रेलवे ट्रैक के क्लियर होने का सिग्नल नहीं मिलने से रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। गेटमैन ने आनन फानन में चालक से ट्रैक्टर को ट्रॉली से अलग कराया और इमरजेंसी फाटक लगाए। इसके बाद ही सिग्नल होने से रेलवे लाइन क्लियर हो सकी। इस दौरान इंटरसिटी एक्सप्रेस, पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस और देहरादून एक्सप्रेस ट्रेनों को निकाला जा सका। ट्रेनों के गुजरने के बाद कई घंटे की मशक्कत के बाद गन्ने से लदी ट्रॉली निकल सकी। बता दें कि तीन दिन पूर्व भी इसी तरह से गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली इस इंगल में फंस गई थी। इस कारण कई ट्रेनों को अलग अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा था। गन्ना पेराई सत्र के दिनों में यहां पर अक्सर गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रक फंस जाते हैं। इस कारण यह समस्या उत्पन्न होती रहती है।