आदर्श गोशाला विकसित करने पर जोर
मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने कहा कि जनपद में पंजीकृत निजी गोशालाओं की संख्या सात है। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर निजी गोशाला बनाई जाए और अच्छी नस्ल की गायों को रखकर इसे रोजगारपरक बनाएं। गोशाला संचालकों का सहयोग किया जाएगा।
कलक्ट्रेट सभाकक्ष में गो संरक्षण समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि गोशाला के संचालन के लिए संचालकों को महंगे चारे और लेबर की समस्या से जूझना पड़ता है। आदर्श गोशाला विकसित की जाए और उनमें ज्यादा से ज्यादा गायों को रखा जाए। देश के ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में गोशालाओं का बहुत बड़ा योगदान हो सकता है। गाय के मूत्र और गोबर से अनेकों उत्पाद तैयार होते हैं। नई तकनीक अपनाने से निजी गोशाला संचालकों के व्यय में भी कमी आएगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। देश की आर्थिक क्रांति गोशालाओं से होगी। बैठक में समिति से जुड़े सभी अधिकारी और गोशाला संचालक मौजूद रहे।