अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्वेटरों का वितरण चुपचाप कर दिया गया। शुरुआत में घटिया स्वेटर वितरित करने को लेकर खूब हंगामा हुआ था। इसके चलते प्रशासनिक अफसरों को बैकफुट पर आकर स्कूलों को कहीं से भी स्वेटर खरीदने के लिए स्वतंत्र करना पड़ा था। अधिकारी 99 प्रतिशत बच्चों को स्वेटर वितरित होने का दावा कर रहे हैं।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्वेटरों का वितरण किया जाता है। जनपद के 1263 स्कूलों में 43141 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शुरुआत में जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने स्वयं सहायता समूहों से स्वेटर खरीदने के निर्देश स्कूलों को दिए थे। समूहों को भी ठेकेदार से स्वेटर खरीदने के मौखिक आदेश जारी कर दिए गए थे। ठेकेदार के माध्यम से शुरुआत में कुछ स्कूलों में घटिया स्वेटर वितरित कर दिए गए। इसे लेकर हंगामा हो गया था। यह मामला कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा था। फजीहत होने के बाद जिलाधिकारी ने सभी स्कूलों को स्वेटर खरीदने के लिए स्वतंत्र कर दिया और जल्द से जल्द स्वेटर वितरित करने के आदेश दिए। मुख्य विकास अधिकारी अर्चना वर्मा का कहना है कि 99 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को स्वेटरों का वितरण कर दिया गया है। कुछ ही छात्र बचे होंगे। उन्हें भी जल्द ही स्वेटर दे दिए जाएंगे।
बाद में भी सक्रिय रहे ठेकेदार
स्कूलों को कहीं से भी स्वेटर खरीदने के लिए स्वतंत्र करने के बावजूद ठेकेदार सक्रिय रहे। बताया जाता है कि कुछ स्कूलों में पुराने ठेकेदारों से ही स्वेटर खरीदकर वितरित किए गए हैं।