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कांवड़ मेले के बाद सबके हाथों में पहुंचेंगी किताबें

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कांवड़ मेले के बाद पहुंचेंगी किताबें
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मुजफ्फरनगर। परिषदीय विद्यालयों में कांवड़ यात्रा ने बच्चों की किताबों को पहुंच से दूर कर दिया। कांवड़ मेले के कारण रास्ते बंद होने से जिले में किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। परिषद स्तर से करीब 25 प्रतिशत किताबें आई हैं, जो बांटी जा चुकी हैं। जनपद में सवा लाख से अधिक बच्चेे परिषद के विद्यालयों में पढ़ते हैं, जिन्हें किताबें दी जाएंगी।
निजी स्कूलों की तर्ज पर अप्रैल से ही प्राथमिक विद्यालयों में सत्र की शुरुआत की जा रही है। मई में अवकाश रखने के बाद जुलाई से पढ़ाई का आगाज होता है। ताज्जुब यह है कि शिक्षा में सुधार के दावे तो होते हैं, लेकिन समय से बच्चों को किताबें तक मुहैया नहीं हैं। सवाल है कि निजी स्कूलों से मुकाबले में प्राथमिक विद्यालय कहां टिकते हैं। जनपद में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के 1163 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। किताबों को स्टॉक आने में कांवड़ यात्रा बाधा बन गई है।
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विद्यालयों में करीब 25 प्रतिशत किताबों का कोटा पहुंचा है, जो बच्चों को वितरित किया जा चुका है। 75 प्रतिशत बच्चों को किताबें कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद उपलब्ध होंगी। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि कांवड़ यात्रा से पहले जो किताबें आई थीं, उन्हें बांटा जा चुका है। रास्ते बंद होने के कारण किताबों का स्टॉक नहीं आ सका है। जिले में 25 प्रतिशत किताबें आई हैं।
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