जनपद की छह विधानसभा सीटों पर इस बार 80 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी। जनता जर्नादन के फैसले ने माननीय बनने के ख्वाबों पर पानी फेर दिया, बल्कि जमानत भी जब्त हो गई। छह विस सीटों पर प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशियों में भी कई की जमानत जब्त हो गई। इनके अलावा भी करीब 59 प्रत्याशी जमानत नहीं बचा सके।
विधानसभा का चुनाव लोकसभा के जैसा निकला। मोदी लहर में दिग्गजों भी अपनी साख नहीं बचा सके। विधानसभा चुनाव के दंगल में छह सीटों पर प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ 80 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी। जिनमें 13 महिला प्रत्याशी भी शामिल रहीं। 11 मार्च को आए चुनावी परिणाम ने सबको चौंका दिया।
मोदी की आंधी में प्रत्याशियों को जीतना तो दूर जमानत बचाने तक के लाले पड़ गए। शहर सदर सीट पर 16 प्रत्याशियों में तीन ही जमानत बचाने में कामयाब रहे, 13 की जब्त हुई। चरथावल सीट पर पेचीदा मुकाबला रहा। यहां 11 की जमानत जब्त हो गई, तीन बचा सके।
पुरकाजी में भी 10 प्रत्याशियों ने मैदान में ताल ठोकी, लेकिन सात की जमानत चुनाव आयोग के खाते में गई। तीन जमानत बच सके। खतौली में 15 प्रत्याशी मैदान में लड़े। तीन की जमानत बचे, 13 की जब्त हुई। मीरापुर में 14 में से 10 ने तथा बुढ़ाना में 15 में से 12 ने जमानत गवांई।
10 फीसदी मिले वोट से बचती है जमानत
मुजफ्फरनगर। जमानत बचाने के लिए चुनाव आयोग की गाइडलाइन के आधार पर कुल पड़े वोटों का 10 प्रतिशत वोट मिलने पर जमानत बचती है। जनपद की छह सीटों पर कई पार्टियों के प्रत्याशी की भी जमानत जब्त हुई है।
विधानसभा कुल पड़े वोट 10 प्रतिशत
मुजफ्फरनगर-----215602--------21560
बुढ़ाना---------241134--------24113
चरथावल-------206490--------20649
पुरकाजी--------204336--------20433
खतौली---------213118--------21311
मीरापुर---------204424--------20442