सब कुछ खाक होने के बाद पहुंचती है दमकल
मुजफ्फरनगर। मई माह में भी लगातार तापमान चढ़ते पारे के चलते आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। तेज हवा आग लगने की वारदातों में मानो घी का काम कर रही है। लेकिन सीमित संसाधनों व स्टाफ की कमी से जूझ रहे दमकल विभाग के लिए आग लगने की स्थिति में दूर दराज तक समय से पहुंचना मुमकिन नहीं हो पाता।
जनपद का अग्निशमन विभाग सीमित संसाधनों से जूझ रहा है। विभाग के पास न तो पर्याप्त गाड़ियां हैं और न ही स्टाफ। यही नहीं, पानी भरने के लिए हाइड्रेंट पंप व नलकूप भी पर्याप्त नहीं हैं। स्टाफ की कमी का आलम यह कि फायर स्टेशन ऑफिसर का पद भी रिक्त चल रहा है। संसाधनों की बात करें तो विभाग के पास केवल आग बुझाने के लिए केवल तीन गाड़ियां हैं। जिनमें से एक नियमित रूप से खतौली में रखी जाती है। ऐसे में केवल दो गाड़ियों के बूते दमकल विभाग पूरे जिले की आग पर काबू पाने के लिए जूझता है। इसके चलते दूर-दराज के इलाकों में आग लगने की घटनाएं होने पर पीड़ित केवल भगवान भरोसे ही रहता है, क्योंकि सीमित संसाधनों के चलते कई बार दमकल विभाग के लिए समय से मौके पर पहुंचना ही मुमकिन नहीं हो पाता। वहीं, आग बुझाने पर पानी की अनुपलब्धता भी बड़ी बाधा बनती है, क्योंकि विभाग के पास पूरे जिले में केवल 11 हाइड्रेंट पंप व सात नलकूप ही हैं। जिनसे पानी लिया जाता है। पानी की अनुपलब्धता के चलते अधिकांश समय आग पर समय से काबू नहीं पाया जाता, जिससे पीड़ित पक्ष का सब कुछ राख हो जाता है। सीएफओ रमाशंकर तिवारी ने बताया कि सीमित संसाधनों के चलते विभाग को कई मोर्चों पर जूझना पड़ता है। विभाग के पास स्टाफ की भी कमी है। हालांकि, जिले में दो फायर सब स्टेशन जानसठ व खतौली में मंजूर हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव के बाद ग्रांट जारी होने पर उनकी स्थापना होगी, जिसके बाद विभाग के लिए आग की घटनाओं पर काबू पाना काफी आसान हो जाएगा।
सिल्वरटन पेपर मिल में लगी आग
मुजफ्फरनगर। शहर के भोपा रोड स्थित सिल्वरटन पेपर मिल में शनिवार दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग मिल के यार्ड में स्थित पेपर के गोदाम में लगी, जिससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दमकल विभाग को घटना की जानकारी देते हुए पेपर मिलों की सभी चार गाड़ियों को आग बुझाने पर लगा दिया गया। पानी की उपलब्धता के चलते जब तक दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, काफी हद तक आग पर काबू पा लिया गया। पेपर मिल मालिक राजेश जैन ने बताया कि आग से करीब चार सौ टन पेपर जलकर नष्ट हुआ है। हालांकि समय से आग पर काबू पा लेने के चलते नुकसान अधिक नहीं हो सका।