नगर निकाय चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियों को क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए रोडवेज डिपो की बसों का अधिग्रहण किया गया है। डिपो से 30 बसें चुनाव में गई है। रूट से हटाकर डिपो अधिकारियों को बसों को प्रशासन के सुपुर्द किया है। इसके चलते यात्रियों की मुश्किलें बढ़ना लाजमी है, क्योंकि ट्रेनें कोहरे आदि के कारण लेट चल रही हैं। आम यात्रियों को रोजाना के सफर के लिए समस्या बनेगी।
जिले में 26 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। बृहस्पतिवार को पोलिंग पार्टियों के लिए रोडवेज बसों का अधिग्रहण किया है। प्रशासन ने डिपो से 30 बसों का अधिग्रहण किया है। इनको चुनाव संपन्न होने के बाद डिपो पर भेजा जाएगा। परिवहन निगम इन बसों का प्रतिदिन के हिसाब से राज्य निर्वाचन आयोग से किराया वसूलेगा। एक बस का प्रतिदिन किराया 17 हजार रुपये रखा गया है। जिसके चलते रोडवेज के खाते में रोजाना आयोग को पांच लाख 10 हजार रुपये भेजने पड़ेंगे।
डिपो अधिकारियों ने इन बसों को लांग और व्यस्त मार्गों से हटाकर दिया है। जिसके चलते बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि मौजूदा समय में ट्रेनें भी लेट चल रही है। जिससे रेल यात्री भी बस का सफर कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को अधिग्रहित की गई बसों को एसडी डिग्री कालेज के मैदान में खड़ा कराया गया है। यहां पर पोलिंग पार्टियों को प्रशिक्षण देने के बाद क्षेत्रवार बसों से रवाना किया जाएगा।