देर रात तक ट्रैक सुचारु होने की संभावना
मुजफ्फरनगर। कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस का रेलवे लाइन के बीच में बिखरा पड़ा मलबा एक किनारे कर दिया गया है। रविवार को देर रात लाइन को क्लियर कर नए सिर से ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया गया। रेलवे ने इसके लिए अतिरिक्त टीम लगाई है। एक टीम को स्लीपर, दूसरी टीम को ट्रैक और एक टीम ओएचई वॉयर को लगाने में जुट गई। रेलवे अधिकारी देर रात तक ट्रैक को सुचारु करने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
शनिवार शाम दिल्ली-सहारनपुर वाया मेरठ मंडल की रेलवे लाइन पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित है। यहां से गुजरने वाली ट्रेनों को शामली, टपरी के रास्ते से डायवर्ट किया गया है। हादसे के बाद करीब एक किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पहियों की रगड़ से स्लीपर तक उखड़ गए, जबकि हवा में लहराई बोगियों ने ओएचई वॉयर के पोल तक उखाड़ दिए। कई किलोमीटर तक ओएचई वॉयर भी टूट गया है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने दो 140 टन की डीएसएल क्रेन लगवाकर पटरी पर पड़े डिब्बों को देर रात तक हटा दिया। उसके बाद रेलवे अधिकारियों ने तत्काल नए सिरे से ट्रैक बिछाने के लिए टीमों को लगा दिया। ओएचई वॉयर के टेक्निकल इंजीनियरों की टीम और स्लीपर के लिए कर्मचारी, रेलवे इंजीनियरों ने ट्रैक बिछाया। स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार त्यागी ने बताया कि युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। देर रात को ट्रैक पर संचालन की उम्मीद है। ओएचई वॉयर, ट्रैक काफी बिछा दिया गया है।