संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले में बच्चों के नियमित टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे पेंटावेलेंट वैक्सीन की पहली डोज से वंचित रह गए। एक वर्ष की एचएमआईएस (स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली) रिपोर्ट के अनुसार जनपद में कुल 4256 बच्चे जीरो डोजर की श्रेणी में दर्ज किए गए। इन बच्चों को पेंटावेलेंट वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लग पाई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक पेंटावेलेंट-1 के लिए 79519 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। वहीं 75263 बच्चों को ही पहली डोज दी गई। सामने आई रिपोर्ट में 4256 बच्चों का अंतर सामने आया। यदि ब्लॉकवार स्थिति देखें तो मोरना सर्वाधिक प्रभावित रहा। यहां लक्ष्य 6,814 के सापेक्ष 4,810 बच्चों को पेंटावेलेंट-1 की डोज लगी और 2004 बच्चे जीरो डोजर रह गए। हालांकि बुढ़ाना और मेघाखेड़ी में लक्ष्य के सापेक्ष अधिक बच्चों को वैक्सीन लगाई गई।
-बच्चों के स्वास्थ्य पर खड़ा हो रहा बड़ा सवाल
पेंटावेलेंट वैक्सीन बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दी जाती है। ऐसे में हजारों बच्चों का इसकी पहली डोज से छूट जाना स्वास्थ्य विभाग की ट्रैकिंग और आउटरीच व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। खासकर मोरना और जानसठ जैसे क्षेत्रों में जीरो डोजर बच्चों की संख्या अधिक होना चिंता का विषय है।
वर्जन-
अभिभावकों में जागरूकता की कमी और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण जीरो डोजर बच्चे सामने आए हैं। टीके से वंचित रह गए सभी जीरो डोजर बच्चों को चिह्नित कर टीकाकरण कराया जा रहा है।
- डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी