संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर में घर और अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाला कूड़ा पालिका की समस्या बन चुका है। प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े को डंप करने का स्थान भी कम पड़ रहा है। पालिका की ओर से लंबी प्रक्रिया के बाद शहर से निकलने वाले 42120 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण के लिए निविदा छोड़ी गई है, जिसको अनुमोदन के लिए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
शहर में वर्ष 2008-09 के दौरान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना की गई थी। किदवई नगर में एटूजेड कंपनी ने कूड़े का निस्तारण कर उससे खाद बनाना शुरू किया था, लेकिन पांच वर्ष पूर्व कंपनी बंद हो गई। तब से शहर के विभिन्न घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाला कूड़ा उक्त स्थान पर ही डंप किया जा रहा है, जिस कारण मौके पर कूड़े के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ खड़े हो गए हैं। हालात यह हैं कि कूड़ा डालने के लिए अब पर्याप्त जगह भी नहीं है। वहीं शहर में 234 मीट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकल रहा है। तीन बार निविदाएं कैंसिल होने के बाद इस बार कूड़े के निस्तारण की उम्मीद बंधी है।
-निर्धारित किया गया था प्रति मीट्रिक टन 900 रुपये
शहर में प्रतिदिन 234 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण के लिए निकल रहा है, जिसके निस्तारण के लिए पालिका स्वास्थ्य विभाग ने कार्ययोजना तैयार की थी। कार्ययोजना अनुसार 234 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण प्रतिदिन कराकर छह माह में 42120 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण कराया जाएगा। इसके निस्तारण पर 900 रुपये प्रति मीट्रिक टन का खर्च का निर्धारण कर 3.79 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया।
-निस्तारण के लिए आधे दाम में तैयार हो गई कंपनी
किदवई नगर स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट के 42120 मीट्रिक टन फ्रेश वेस्ट प्रसंस्करण के लिए न्यूनतम दरदाता आयुषि हाईजीन एंड केयर नई दिल्ली की प्राप्त न्यूनतम दर 1.74 करोड़ की स्वीकृति चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की ओर से दी गई है। कंपनी निर्धारित दर 900 रुपये प्रति मीट्रिक टन के सापेक्ष मात्र 414 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से कूड़े का निस्तारण करेगी। प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए 30 जनवरी की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।