मुजफ्फरनगर। अदालत ने अपनी पत्नी, सास और साले को जिंदा जला की कोशिश करने वाले युवक को आजीवन कारावास और 12 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा पाने वाला बीते दो साल से जेल में है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बुढ़ाना कोतवाली पर गांव जौला हाल सफीपुर पट्टी बुढ़ाना निवासी मोबीन ने 26 अक्तूबर 2016 को अपने दामाद लौनी निवासी नावेद उर्फ इसरार के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसने बेटी गुलिस्ता का निकाह नावेद उर्फ इसरार के साथ वर्ष 2015 में किया था। निकाह के बाद दहेज की मांग को लेकर नावेद उसकी बेटी गुलिस्ता का उत्पीड़न करता था। जिस कारण वह मायके में आकर रहने लगी थी। 25 अक्तूबर 2016 को नावेद बुढ़ाना वाले मकान पर गुलिस्ता को लेने आया था, मगर गुलिस्ता ने जाने से इंकार कर दिया था। जिस पर दामाद नावेद उसे जान से मारने की धमकी देकर गया था। उसी रात गुलिस्ता, उसकी मां करीना परवीन और भाई सादिक मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में सौ रहे थे। रात में नावेद दीवार फांद कर मकान में घुस आया। उसने कमरे में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी तथा दरवाजा बंद कर फरार हो गया। आग से गुलिस्ता, उसकी मां और भाई बुरी तरह से झुलस गए। आसपास के लोगों ने दरवाजा तोड़ कर उन्हें बचाया। जिनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास को मुकदमा दर्ज करके नावेद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, तभी से वह जेल में है। यह मुकदमा एडीजे मनोज कुमार मिश्रा की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में सुना गया। एडीजीसी प्रशांत बालियान ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए नावेद को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 12 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।