छपार। रेत्ता नंगला में स्थित कैल बाबा मंदिर पर विशाल मेले का आयोजन हुआ। जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगी और बच्चों के मुंडन भी कराए।
हाइवे से कुछ दूरी पर स्थित कैल बाबा के प्राचीन मंदिर में रविवार को मेला लगा। गांव तेजलहेड़ा, सिमरती, खिंदडिया, ताजपुर, रेत्ता नंगला आदि गांवों के लोग सुबह से ही आना शुरू हो गए थे। मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर सभी ने मन्नते मांगी। समाज के लोगों की मान्यता है कि उक्त मेले बैसाख मास की चतुर्दशी पर लगता है। तब शादियां शुरू हो जाती हैं। बच्चों का पहला मुंडन मेले में ही होता है और बाबा का आशीर्वाद लेते है। नई दुल्हन को भी प्रसाद चढ़ाना पड़ता है। उक्त मेला 80 वर्षों से लगातार लगता आ रहा है। यहां की मान्यता है कि जो सच्चे मन से प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगता है, बाबा उसकी मुराद पूरी करते है। सपा नेता चंदन चौहान ने भी प्रसाद चढ़ाया। मेले की व्यवस्था में तेजलहेड़ा के प्रधान नरपत सिंह, कंवरपाल, बिजेंद्र सिंह, मुन्ना उर्फ अशोक प्रधान, ब्रजबीर सिंह, रामपाल सिंह, मिन्टू गुर्जर, सुशील कुमार, जगमोहन, सुरेंद्र सिंह, रामकुमार, हरपाल सिंह आदि शामिल रहे।
बाग मालिक ने बालक को पीटा
छपार।
गांव खोजा नंगला निवासी दिलशाद का पुत्र फरहान (11) रविवार सुबह जंगल में बकरी चराने गया था। उसकी बकरी अरशद के बाग में घुस गई। मालिक मौके पर आ गया और आम तोड़ने की बात कहकर बच्चे की डंडे से पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंचे परिजनों को देखकर बाग मालिक फरार हो गया। घायल के परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे। आरोपी के विरुद्ध तहरीर दी है। पुलिस ने उसे मुजफ्फरनगर अस्पताल में भेज दिया। आरोपी की तलाश जारी है।