पहले चरण में होने वाले मतदान को लेकर दिग्गजों की निगाहें टिकी हैं। पड़ोसी जनपदों में वोटरों का अंतिम क्षणों के रुझान को लेकर मंथन शुरू हो गया है। प्रचार थमने के बाद वोटरों के मन की टोह ली जा रही है। इसको ही आधार बनाकर जिले में भी सियासी दलों के साथ नेताओं ने आंकड़ा जुटाना शुरू कर दिया है। खास यह है कि सपा, बसपा और कांग्रेस मुस्लिम मतों की ओर देख रही है। वहीं, भाजपा लोकसभा और विधानसभा के पैटर्न को आजमाने की तैयारी में है।
नगर निकाय चुनाव के लिए 22 नवंबर को मेरठ, शामली, हापुड़, बिजनौर में प्रथम चरण में मतदान होना है। इसके लिए सोमवार से प्रचार गाड़ी में विराम लग गया। प्रथम चरण में होने वाले मतदान को लेकर दिग्गजों की निगाह टिक गई है। प्रथम चरण के मतदान कई सियासी दलों की तस्वीर साफ करेगा। वोटरों का रुझान किस ओर बढ़ रहा है और किस दल का प्रभाव अधिक है। इस रहस्य से पहला चरण काफी हद तक पर्दा हटाएगा। शहर में सीएम योगी की रैली के बाद भाजपा उत्साहित है तो अन्य राजनीतिक दलों में बेचैनी बढ़ गई है। सपा, बसपा और कांग्रेस मुस्लिम मतों पर नजर गड़ा कर मैदान में आगे बढ़ रही हैं, जबकि भाजपा लोकसभा, विधानसभा के फार्मूले को आजमाने पर जोर दे रही है। इसके लिए वोटरों की लामबंदी शुरू हो गई है।
जनपद में 26 नवंबर को द्वितीय चरण में मतदान होना है। प्रचार के लिए नेताओं के पास चार दिन का समय है। 24 की शाम से प्रचार थम जाएगा। सियासी दलों ने क्षेत्रवार वोटरों के आंकड़े जुटाने के साथ मतों के बंटवारे पर भी मंथन किया है। वोटर भी पूरी तरह से खामोशी अख्तियार किए हुए हैं। विधानसभा चुनाव की तरह अंतिम क्षणों में चुप्पी तोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे सियासतदां अधिक परेशान हैं।
सोशल मीडिया का लिया जा रहा सहारा
मुजफ्फरनगर। राजनीतिक दल अपनी नीतियों को वोटरों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का भी खूब सहारा ले रहे हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप के साथ ट्विटर आदि पर नेता अपने-अपने विचार भेज रहे हैं। जिनके माध्यम से वोटरों को लुभाया जा रहा है।