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किसानों ने दिया मंसूरपुर रेलवे स्टेशन पर धरना

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मंसूरपुर। रेलवे फाटक को खुला रखने की मांग को लेकर किसानों ने रेलवे स्टेशन पर धरना दिया। अपनी मांगों का एक ज्ञापन एडीएम को सौंप कर धरना समाप्त किया। एडीएम ने किसानों की समस्याओं को हल कराने का आश्वासन दिया है।
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धरना देने वाले किसानों का कहना था कि फाटक बंद हो जाने से शुगर मिल में भैंसा बुग्गी में गन्ना लाने वाले किसानों के सामने समस्या खड़ी हो जाएगी। बुग्गी में गन्ना लाने वाले किसान ओवरब्रिज से नहीं जा सकते। अंडरपास से होकर गन्ने से भरी बुग्गी ले जाने में काफी परेशानी होती है। धरने की सूचना पर एडीएम अमित कुमार व एसपी सिटी सतपाल अंतिल किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि किसानों को फाटक का स्थाई समाधान चाहिए। यदि रेलवे विभाग वर्तमान फाटक को बंद करना चाहता है, तो किसानों को दूसरा रेलवे फाटक बनाकर दिया जाए। एडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से ले रहा है। शनिवार को जिला प्रशासन, रेलवे विभाग तथा क्षेत्र के जिम्मेदार किसानों के बीच वार्ता के बाद ही कोई अंतिम फैसला होगा। जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है कि वर्तमान पेराई सत्र तक किसानों को फाटक से कोई समस्या न आए। आश्वासन के तीन घंटे के बाद धरना समाप्त हो गया। धरने को जिला पंचायत सदस्य संजय राठी, रालोद जिला उपाध्यक्ष विकास बालियान, भाकियू के युवा नेता मोहित बालियान, पंकज राठी, जगपाल जोहरा, राजीव तोमर, इंदर भगत, टीटू राठी, राजेंद्र फौजी, नेपाल सिंह, हरपाल सिंह सोंटा, अशोक राठी, संजीव राठी, कासिम बालियान, पप्पू राठी आदि मौजूद रहे।

चंद्रपाल फौजी के संघर्ष की याद आई
रेलवे स्टेशन पर चल रहे धरने पर किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के नेता स्वर्गीय चंद्रपाल फौजी के संघर्ष को याद किया। विदित हो कि माह मार्च में चंद्रपाल फौजी ने घोषणा की थी कि जब तक वे जीवित हैं, रेलवे फाटक बंद नहीं होने दूंगा। किसानों ने संकल्प लिया कि फौजी द्वारा शुरू की गई मुहिम को वे ठंडा नहीं पड़ने देंगे।
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