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मलेरिया के लिए हाईरिस्क है खादर इलाका

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मलेरिया के लिए हाईरिस्क है खादर इलाका
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मुजफ्फरनगर। गर्मियां शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप शुरू हो गया है और इसके साथ ही मलेरिया के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। जिले में गंगा और सोलानी नदी का खादर मलेरिया को लेकर हाईरिस्क इलाका है। इन क्षेत्र के साथ ही पूरे जिले में कीटनाशकों के छिड़काव का काम शुरू किया जाएगा और बुखार के मरीजों की रक्त पट्टिकाएं भी बनाई जाएंगी।
विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अब चुनाव ड्यूटी से फारिग हो चुके हैं। इसलिए विभागीय काम शुरू हो गया है। स्वास्थ्य महकमे के लिए इस दिनों सबसे बड़ा काम मलेरिया की रोकथाम का है। सोलानी और गंगा खादर के क्षेत्र में रहने वाली करीब 60 हजार की आबादी मलेरिया के लिहाज से संवेदनशील है। इसलिए इसे तरजीह देते हुए पूरे जिले में मलेरिया रोकथाम के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। ग्राम प्रधानों के माध्यम से गांवों में कीटनाशकों का छिड़काव कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कीटनाशक उपलब्ध कराएगा और छिड़काव की व्यवस्था ग्राम प्रधान कराएंगे। आशाओं को प्रशिक्षित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में बुखार से पीड़ित मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाकर सीएचसी और पीएचसी पर उनकी जांच कराएं। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि फरवरी माह में संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े के अंतर्गत जिले में विभागों की समन्वय समिति का गठन किया गया था। इस समिति में स्वास्थ्य विभाग नोडल है और नगर पालिका, पंचायती राज विभाग साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए शामिल है। इसके अलावा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी जागरूकता फैलाने की है।
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जनवरी से अब तक मिले दो केस
मलेरिया के जिले में अब तक दो केस मिले हैं। हालांकि अब मौसम बदल रहा है। इसलिए इन दिनों ज्यादा केस सामने आने की संभावना है। 2017 में जिले में 867 मलेरिया के केस मिले थे, जबकि 2018 में इनकी संख्या केवल 199 ही थी। इस बार अब तक 3513 रक्त पट्टिकाएं बनाई गईं, जिनमें से दो मलेरिया पॉजिटिव पाए गए।

डेंगू को लेकर किया जाएगा जागरूक
अभियान के दौरान डेंगू को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। डेंगू का मच्छर रुके हुए पानी में पैदा होता है। कूड़े में पड़ी हुई खाली बोतलें, डिब्बों आदि में भरा पानी। कूलर में भरे हुए पानी आदि में डेंगू का मच्छर पनपता है। इसकी रोकथाम के लिए अभियान चलाकर लोगों को पानी नहीं रुकने देने के लिए कहा जाएगा। सफाई कर्मचारियों को भी इस बात के लिए तैयार किया जाएगा कि कूड़ा उठाते समय वह ऐसी चीजों को नष्ट कर दें जिनमें पानी जमा है।
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इन्होंने कहा...
मलेरिया की रोकथाम के लिए कर्मचारियों की टीमें लगा दी गईं हैं। आशाओं को रक्त पट्टिकाएं बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। हाई रिस्क एरिया में ज्यादा सतर्कता बरती जाएगी।
- अलका सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।
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