कई दलों के नेताओं का लगा जमावड़ा
मुजफ्फरनगर। मखियाली में मदनपाल की मौत में विपक्ष बड़ा मुद्दा ढूंढता रहा। सुबह सात बजे से ही रालोद, सपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं की भीड़ मृतक के घर के बाहर जुट गई। लोकसभा चुनाव का असर गांव की सड़कों पर साफ दिखाई दिया। मृतक जाट जाति से होने के कारण मामले को अधिक तूल देने की कोशिश की गई। शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने की तैयारी थी, इसी बीच मौके पर पहुंचे सांसद डॉ संजीव बालियान ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से अलग से बात की और मौके की नजाकत के हिसाब से निर्णय लेकर विपक्षियों को राजनीति करने का मौका नहीं दिया।
लोकसभा चुनाव जिस तरह नजदीक आते जा रहे हैं, जिले में संवेदनशीलता बढ़ती जा रही है। धर्म और जाति से जुड़े मामले यहां तेजी से तूल पकड़ते हैं। नेता भी मुद्दों को अपने तरीके से हवा देने की कोशिश करते हैं। मखियाली में पुलिस दबिश के दौरान मदनपाल से मारपीट और उसके बाद हार्टअटैक से हुई उसकी मौत का मामला विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया। हालांकि पुलिस ने उसके बेटे मोनू को रात में छोड़ दिया था। सुबह सात बजे ही रालोद, सपा, बसपा और कांग्रेस के नेता मखियाली में मदनपाल के आवास पर पहुंचना शुरू हो गए। गांव वाले भी हैरान थे कि इतनी बड़ी संख्या में नेता उनके गांव में इंसाफ दिलाने के लिए पहुंच गए। मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, सुधीर भारतीय, कृष्णपाल राठी, विपिन बालियान, हर्ष राठी, संजय राठी, सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप, कांग्रेस नेता पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, बसपा जिलाध्यक्ष सतपाल, पूर्व जिलाध्यक्ष कमल गौतम सहित बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद थे। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पुलिस बल, पीएसी समेत मौके पर पहुंच गए। भाजपा नेता अर्जुन तोमर, अमित राठी, सदर ब्लाक प्रमुख अमित चौधरी भी गांव मखियाली पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने सांसद डॉ संजीव बालियान को स्थिति से अवगत कराया। लगभग साढ़े नौ बजे सांसद डॉ बालियान भी मखियाली पहुंच गए। उन्होंने कहा कि मृतक परिवार के साथ न्याय होगा। उन्होंने मृतक के बेटे से बात की और ग्रामीणों से कहा वे जो चाहते हैं वही होगा।
जाट नेताओं को सुलझाने की सौंपी जिम्मेदारी
मुजफ्फरनगर। मखियाली में मृतक मदनपाल के जाट होने के कारण जिले के अधिकतम जाट नेता संवेदना जताने सबसे पहले उनके घर पहुंचे। प्रशासन ने जाट अधिकारियों को ही गांव में लगाया। एसपी सिटी सतपाल अंतिल, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार और तहसीलदार अमित सिंह को मुख्य रूप से गांव में लगाया गया। रालोद के जहां सभी जाट नेता गांव में जुटे रहे, वहीं भाजपा ने भी अपने जाट नेताओं को ही प्रकरण के निपटारे की जिम्मेदारी सौंपी।