मुजफ्फरनगर। महीनों बीतने के बाद भी नगर पालिका परिषद शहर के कूड़े का निस्तारण करने की व्यवस्था नहीं कर पाई। किदवईनगर स्थित प्लांट में कूड़े के अंबार लगते जा रहे हैं। शहर से प्रतिदिन करीब 150 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े को उठाने तथा किदवईनगर स्थित प्लांट में ले जाकर निस्तारण करने की जिम्मेदारी एटूजेड कंपनी की थी। कई माह से कंपनी ने प्लांट बंद कर रखा है तथा शहर से भी कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। स्थिति बिगड़ने पर नगर पालिका ने अपने संसाधनों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था तो कर ली, लेकिन कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन नहीं हो पाया। रोजाना शहर का कूड़ा प्लांट में पहुंच रहा है और वहां अंबार लगते जा रहे हैं। गंदगी और बदबू के कारण आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर किदवईनगर के निवासी विरोध भी जता चुके हैं। उन्होंने नगर पालिका के कूड़े के वाहनों को रोक दिया था। अधिकारियों ने जल्द प्लांट का संचालन करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। नगर पालिका एटूजेड कंपनी का ठेका निरस्त करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। न तो कंपनी का ठेका निरस्त कर कोई नई व्यवस्था की गई और न ही नगर पालिका ने प्लांट का संचालन शुरू किया।
पॉकलेन से ऊंचे किए जा रहे कूड़े के ढेर
किदवईनगर के प्लांट में कूड़ा निस्तारण कार्य नहीं होने से वहां हालात बेहद खराब हो गए हैं। एक बार तो रास्ते तक कूड़ा डाल दिया गया था। नगर पालिका ने पॉकलेन मशीन लगाकर इसे वहां से हटवाया। अब भी रोजाना पॉकलेन चलाकर कूड़े के ऊंचे ढेर लगाए जा रहे हैं।
एटूजेड को अलग करने की प्रक्रिया चल रही है। नगर पालिका ही अपने संसाधनों से प्लांट का संचालन करेगी या कोई अन्य व्यवस्था की जाएगी। इस दिशा में प्रयास चल रहा है। - अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन, नगर पालिका।