श्रद्धालुओं ने नगर में बिनौली यात्रा निकाली
खतौली। परमपूज्य माताजी सुमूषण मति के मंगल आशीर्वाद व प्रेरणा से ब्रह्मचारिणी शिवानी दीदी, सविता दीदी, रेखा दीदी व हीरा दीदी आर्यिका दीक्षा ग्रहण कर रही हैं। दीक्षा ग्रहण करने से पूर्व भक्त अलग-अलग नगरों में बिनौली यात्रा व गोद भराई के मांगलिक कार्यक्रमों को आयोजित कर रहे हैं। इसी क्रम में ब्रह्मचारिणी साध्वी के मंगल आगमन पर भव्य स्वागत किया गया।
सोमवार दोपहर को बड़ा बाजार के सराफान जैन मंदिर से भव्य बिनौली यात्रा का शुभारंभ किया गया। बिनौली यात्रा बड़ा बाजार व इंदिरा मूर्ति से गुजरते हुए घंटाघर स्थित अंबर पैलेस पहुंची। वहां पर एक धर्म सभा आयोजित की गई। धर्म सभा में ब्रह्मचारिणी शिवानी दीदी सहित अन्य ने कहा कि आज मानव अध्यात्म से हटकर संयमविहीन जीवन जी रहा है। संयम मानव जीवन का सबसे बड़ा गुण है। संयम मनुष्य को आत्म साधना के पथ के लिए प्रेरित करता है। जैन धर्म अहिंसा मय धर्म होने के साथ त्याग व तपस्या का धर्म है। वह इसी सिद्धांत पर चलकर सांसारिक मोह माया को त्याग कर चल रहा है। ज्ञानी व्यक्ति भगवान से प्रीति करते हैं, जिससें उन्हें दिव्या ज्योति की प्राप्ति होती है। व्यक्ति को सदैव पापों से डरना चाहिए। सुमूषणमति माता जी शिवानी दीदी को तीन मार्च को राजस्थान के बांसवाड़ा में आर्मिका की दीक्षा देगी। इस आयोजन में पतेंद्र, विकास, अजय किराना, सुधीर आढ़ती, सतेंद्र, धनेंद्र सर्राफ, जयकुमार प्रवक्ता, नीरज जैन प्रवक्ता, एसपी जैन, अविरल, शीलचंद, मनीषा, नीरज, वैभव सभासद, अंजली, अनीता, पिंकी, रीता, बीना, मंजू, नैना, उषा, प्रमोद, राकेश सर्राफ, सुधा, मुस्कान, राजरानी, गीता, संयम भारती, संगीता आदि रहे।