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नगर पालिका बोर्ड बैठक को अभी करना होगा इंतजार

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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड की बैठक के लिए अभी और इंतजार करना होगा। नगर मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण बैठक का एजेंडा जारी नहीं हो सका है। बैठक के इंतजार में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े हुए हैं।
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नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक गत 24 अप्रैल को हुई थी। उसके बाद 12 जून को बैठक बुलाई गई, लेकिन यह विवादों में फंस गई। पालिका चेयरपर्सन का कहना था कि बैठक स्थगित की गई है, जबकि सभासद बैठक को बेनतीजा बता रहे थे। विवादों में फंसी इस बैठक के बाद 29 नवंबर को बैठक कराने के लिए एजेंडा जारी किया गया था, लेकिन मंडलायुक्त सहारनपुर सीपी त्रिपाठी ने इस पर रोक लगा दी थी। बाद में मंडलायुक्त ने 12 जून की बैठक को स्थगित मान लिया और नई बोर्ड बैठक कराने की अनुमति दे दी। मंडलायुक्त स्तर से लगी रोक हटने के के बावजूद अभी बोर्ड बैठक के लिए इंतजार करना होगा। बैठक के लिए एजेंडा ईओ/नगर मजिस्ट्रेट जारी करते हैं, लेकिन वह 22 दिसंबर तक अवकाश पर हैं। इसके चलते बोर्ड बैठक के लिए एजेंडा जारी नहीं हो पा रहा है।
उधर, बैठक नहीं होने से विकास कार्यों के अनेक प्रस्ताव रुके पड़े हैं। सबसे अहम मुद्दा तो नगर की सफाई व्यवस्था का है। एटूजेड कंपनी ने काम करना बंद कर दिया है। इसलिए नगरपालिका उसका अनुबंध समाप्त करना चाहती है। इसका निर्णय भी बोर्ड बैठक में होगा। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण प्लांट को संचालित करने के मसले पर भी बोर्ड बैठक में ही निर्णय लिया जाना है। नगर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि नगर मजिस्ट्रेट के अवकाश से आने के बाद बोर्ड बैठक के लिए एजेंडा जारी होगा।
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एक साल में हुई तीन बैठक
नगर पालिका बोर्ड के एक साल के कार्यकाल में तीन बोर्ड बैठकें हुई हैं। छह जनवरी, 12 अप्रैल और 24 अप्रैल को नगरपालिका बोर्ड की बैठक हुई। जबकि 27 मार्च की बैठक को स्थगित कर दिया गया था। 12 जून को हुई बैठक भी विवादों में फंस गई थी। इसे भी मंडलायुक्त ने स्थगित माना है।
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