पुलिस की लापरवाही पड़ सकती है किसी की जिंदगी पर भारी
मुजफ्फरनगर। जनपद की मुस्तैद पुलिस आधी आबादी’ के प्रति होने वाले अपराधों को बेहद हल्के में ले रही है। हालांकि बाद में मामले में तूल पकड़ने के बाद पुलिस आनन-फानन में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश तो करती है, लेकिन तब तक पीड़िता न्याय पाने की हद से कहीं दूर जा चुकी होती है। जनपद में पिछले करीब डेढ़ माह के भीतर ही इस तरह के तीन मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिस ने पहले तो पीड़िता की तहरीर पर कार्रवाई नहीं की, जिससे आहत होकर उन्हें जहर खाना पड़ा। इनमें से दो पीड़िताओं की तो मौत भी हो गई, जबकि तीसरी की हालत भी गंभीर है।
पिछले डेढ़ माह के भीतर छेड़छाड़ पीड़िताओं द्वारा न्याय पाने के लिए जहर खाने की सबसे पहली वारदात बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव में हुई। यहां परिवार के ही कुछ लोगों ने महिला के साथ छेड़खानी की, जिसकी तहरीर पुलिस को दी गई, लेकिन दुर्भाग्यवश पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़िता लगातार थाने व अफसर के चक्कर काटती रही, लेकिन हर जगह उसे केवल दुत्कार मिलती रही। इंतहा तो तब हो गई, जब पुलिस ने उल्टे महिला के पति व बेटे को ही हवालात में बंद कर उनका चालान कर डाला। इसके बाद पीड़िता से सुविधा शुल्क की भी मांग कर डाली। इससे आहत होकर पीड़ित महिला अपने गांव पहुंची और जहर खाकर आत्महत्या कर ली। महिला द्वारा खुदकुशी करने के बाद पुलिस हरकत में आई और छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा। दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी युवती के साथ हुआ, जिसे शादी का झांसा देकर मेरठ के क्षेत्र निवासी फौजी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने युवती की अश्लील क्लिप भी बना ली और उसके बल पर पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए उसे अपने दोस्त के सामने भी परोसने का प्रयास किया। इंकार करने पर आरोपी ने पीड़िता से शादी करने से इंकार कर दिया। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार पीड़िता ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली, जिसके बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए आरोपी फौजी को आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेजा। तीसरा मामला एक बार फिर बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र में हुआ, जहां छेड़छाड़ का प्रयास करने के आरोपी के खिलाफ तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे ग्राम प्रधान द्वारा पीड़ित पक्ष पर फैसले का दबाव बनाया जाता रहा। आखिरकार पीड़ित युवती ने न्याय की आस में जहर खा लिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।