फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नैतिक शिक्षा से निखरेगा जीवन: गुरुदत

विज्ञापन
विज्ञापन
बुढ़ाना। जूनियर हाईस्कूल राजपुर-छाजपुर में आयोजित संस्कार संस्कृति समारोह में छात्र-छात्राओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर विद्यार्थी जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि विद्यालय राष्ट्र निर्माण की इकाई और बच्चे राष्ट्र निर्माता है। नैतिक मूल्यों से ही जीवन निखरेंगे।
विज्ञापन

राजपुर-छाजपुर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित संस्कार-संस्कृति समारोह का शुभारंभ वेद मंत्रों के साथ यज्ञ से हुआ। मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वेदानुकूल शिक्षा और पवित्र आचरण से देश की गरिमा बढ़ेगी। शिक्षा का यथार्थ अर्थ बच्चों को ज्ञानवान, गुणवान, सदाचारी, चरित्रवान, कर्तव्यपरायण तथा देशभक्त बनाना है। बच्चों को माता-पिता एवं शिक्षक से जैसे संस्कार मिलते है, वैसे ही उनके व्यक्तित्व का विकास होता है। माता-पिता की सेवा, आज्ञापालन, सत्य व्यवहार, ईमानदारी, अहिंसा, परोपकार, अनुशासन, सहनशीलता और संयम के गुणों को धारण करना हमारी संस्कृति है।
प्रधानाचार्य ब्रजपाल सिंह राठी ने कहा कि बच्चों के चरित्र से राष्ट्र का चरित्र निर्धारित होता है। अच्छे गुणवान बच्चे राष्ट्र का धन है। शिक्षक के आचरण, आदत और स्वभाव का विद्यार्थी पर विशेष प्रभाव पड़ता है। पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि यज्ञ और योग भारत की संस्कृति है। शिक्षक विजय पाल राठी ने कहा कि वैदिक शिक्षा के प्रचार से देश बचेगा। अजय पाल सिंह आर्य ने कहा कि यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है, शरीर निरोगी बनता है। छात्र-छात्राओं को आचार्य गुरुदत्त आर्य साहित्य भेंट किया। दीपक, धीर सिंह, शीशपाल आर्य, मंगत सिंह, क्षय पाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें