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खानपान, जीवनशैली बदलें नि:संतान दंपति

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मुजफ्फरनगर। गाईनी सोसायटी मुजफ्फरनगर की ओर से रेलवे रोड स्थित तनेजा टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर पर निशुल्क बांझपन निवारण एवं परीक्षण शिविर लगाया गया। नि:संतान महिलाओं की जांच कर संभावित उपचार के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं में खान-पान का व्यवस्थित नहीं होना भी बीमारी का कारण बन रहा है।
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उद्घाटन शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी अनु अग्रवाल ने किया। शिविर में बांझपन की शिकार 45 महिलाएं पहुंचीं, जिन्हें आठ से 20 साल से बच्चा नहीं हुआ। पांच मरीज ऐसे आए जो कई बार दिल्ली, मुंबई और पुणे में आईवीएफ करा चुके हैं। शिविर में 45 नि:संतान महिलाओं के अलावा 144 अन्य रोगियों ने भी पंजीकरण कराए। डॉ. तारिणी तनेजा ने नि:संतान दंपतियों को जीवनशैली बदलने पर जोर दिया। अधिक वजन की महिलाओं को विस्तार से डाइट के बारे में बताया। नि:संतानता की समस्या के बढ़ते हुए ग्राफ पर प्रकाश डालते हुए समझाया कि काफी महिलाएं नौकरी और अपने व्यवसाय के कारण शादी देर से करती हैं और खानपान व्यवस्थित नहीं रहता। अगर शादी के एक साल तक बच्चा न हो तो विशेषज्ञ से राय लेनी चाहिए। किशोर अवस्था से लेकर युवतियों तक में हारमोंस की गड़बड़ी पाई गई है। मोटापा बढ़ जाता है, मुंह पर अनचाहे बाल आ जाते हैं।
कभी-कभी दो बच्चेदानी भी होती हैं, बच्चेदानी में दीवार आ जाती है। यह सभी वजह बच्चे न होने के कारण बनते हैं। अक्सर प्रदूषित वातावरण एवं खान-पान से पुरुषों के शुक्राणुओं में भी काफी गिरावट देखी जा रही है। कैंप में डॉॅ ललिता माहेश्वरी, डॉ. मलका अरोरा, डॉ. निशा मलिक, डॉ. मंजू प्रभाकर, डॉ. मंजु गुप्ता, डॉ. नीलम तोमर आदि मौजूद रही। शिविर में डॉ. एमके तनेजा, पंडित संजीव शर्मा, डॉ. अशोक सिंघल, डॉ. अनिल राठी, अंकुर वाधवा, शिवम वर्मा, ऋषि पुरी, नीतू कौर, मनोज पाल, संजय, धीरज पालीवाल, अर्चना महेंद्रा एडवोकेट, असदजमां, राजेश, पूनम, रेखा, नूपुर, मंजू, गीता, तान्या आदि का सहयोग रहा।
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