800 लोग करेंगे मक्का-मदीना में जियारत
मुजफ्फरनगर। हज सफर के लिए आवेदन की तिथि खत्म हो गई है। शहरभर से करीब 800 लोग मक्का-ए-मदीना की जियारत करेंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारी कर पहली किस्त का शेड्यूल भी बता दिया है। इस बार हज सफर पर जाने वालों की तादाद बढ़ी है।
केंद्र सरकार ने इस बार हज सफर की नीतियों में बदलाव किया है। कुछ स्थानों से फ्लाइट का किराया भी बढ़ा है। हालांकि शहर और आसपास के हज यात्रियों को दिल्ली से उड़ान भरनी होती है। इसके किराए में इजाफा हुआ है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने 22 दिसंबर तक फार्म कंपलीट कराए हैं। जिसमें शहर से 800 से अधिक फार्म भरे गए हैं। जिनमें 480 लोग खालापार के हैं और 200 मल्हूपुरा के साथ बाकी सरवट आदि क्षेत्रों से हैं। इनमें पुरुष और महिलाएं शामिल हैं, जो इस बार पवित्र मक्का-ए-मदीना जाकर जियारत करेंगे। इन लोगों के पहली किस्त के रूप में 81 हजार रुपये जमा कराए गए हैं, जो ग्रीन और अजीजिया दोनों वर्ग के लिए है। अभी तक हज कमेटी ऑफ इंडिया ने पूरी तरह से हज सफर की स्थिति को साफ नहीं किया है। हज ट्रेनर हाजी तुफैल ने बताया कि शहरभर से 800 से ज्यादा लोगों ने हज का आवेदन किया है। अभी तक पूरी तरह से गाइडलाइन साफ नहीं हो सकी है। पिछले साल अजीजिया वर्ग 2 लाख तीन हजार रुपये 550 और ग्रीन वर्ग में 2 लाख 37 हजार रुपये किराया था, इस बार कुछ बदलाव किया गया है।
पहली उड़ान 11 जुलाई को जाएगी
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2018 के लिए पहली उड़ान के लिए हज यात्रियों का जत्था 11 जुलाई है। इसके लिए हज यात्रियों की कागजी कार्रवाई के साथ टीकाकरण, पोलियो खुराक आदि के अलावा अन्य परीक्षण पूर्ण किए जाएंगे। इसके बाद लगातार उड़ानें रहेंगी, जो हज यात्रियों को सऊदी अरब तक पहुंचाएंगी, जबकि हज यात्रियों की वापसी का सफर सितंबर के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ होगा।
2100 रियाल मिलेंगे, वजन में छूट
मुजफ्फरनगर। हज सफर पर जाने वाले लोगों को हज कमेटी ऑफ इंडिया ने कैश रखने से मना किया है। अधिकतम धनराशि 25 हजार ले जा सकते हैं, जबकि सऊदी अरब के रियाल को हवाई अड्डे से मिलेंगे। प्रति यात्री को 2100 रियाल मिलेंगे। जिसके माध्यम से अरब में खाना-पीना, रहना आदि का कार्य किया जाएगा।
नन्हें हाजियों के लिए विशेष गाइडलाइन
हज कमेटी ऑफ इंडिया और सऊदी अरब सरकार ने साफ किया है। इस बार दो साल से कम उम्र के नन्हें हाजियों को छूट रहेगी। हज सफर से वापसी की उड़ान सितंबर में है। जिस बच्चे की उम्र 30 सितंबर को दो साल पूरे करती है, ऐसी स्थिति में उसका किराया पूरा लगेगा, जबकि दो साल से कम है तो कुल किराए की 10 प्रतिशत राशि जमा करानी होगी।