फीफा वर्ल्ड कप और प्रदूषण बना कारण
मुजफ्फरनगर। दिल्ली में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने जनपद के ईंट भट्ठों की चिमनी ठंडी कर दी हैं। ईंट भट्ठों की चिमनी एक माह तक धुआं नहीं उगल सकेंगी। इस पर रोक लगाने के लिए एनजीटी और प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। निर्देश आते ही क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई में जुट गया है।
अक्तूबर माह में दिल्ली में फीफा वर्ल्ड कप प्रस्तावित है। इसको लेकर खेल मंत्रालय सख्त हो गया है। मंत्रालय ने खिलाड़ियों को स्वच्छ वायु और शुद्ध वातावरण देने की योजना तैयार की है। इसके लिए एनजीटी से सहयोग मांगा गया है। एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक माह तक एनसीआर क्षेत्र में ईंट भट्ठों के संचालन पर पाबंदी लगाई है। साथ ही गांवों, नगरों और नगर पंचायतों में भी कूड़ा जलाए जाने पर रोक लगाई गई है। जनपद में 300 से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हैं। इन भट्ठों की चिमनी एक माह तक धुआं नहीं उगल सकेंगी। इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। ईंट भट्ठा चलता मिला तो स्वामी के साथ एनजीटी ने प्रदूषण बोर्ड को भी कार्रवाई के लिए चेताया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार ने बताया कि ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक के आदेश आए हैं। जिन पर विभाग पूरी तरह से कार्य करेगा।
पराली जली तो कृषि विभाग नपेगा
मुजफ्फरनगर। गांवों में किसान खेतों में पराली (पुराल) जलाते हैं, यह भी स्मॉग बढ़ाने में एक कारण है। जिसके चलते वायु प्रदूषण अधिक बढ़ता है। वहीं, शहरों में कूड़ा जलाने का भी एक प्रचलन है, जो हवा को विशुद्ध करता है। इसे रोकने के लिए शहरों में नगर पलिका, नगर पंचायतों और गांवों में किसानों पर नजर रखने के लिए कृषि विभाग को कहा गया है।