रसोई माता को कुष्ठ रोगी बताकर स्कूल से निकाला
मोरना (मुजफ्फरनगर)। मोरना के गांव खाइखेड़ा के प्राइमरी विद्यालय में स्टाफ ने रसोई माता को कुष्ठ रोग से पीड़ित बताकर स्कूल से निकाल दिया। खंड विकास अधिकारी और शिक्षा खंड शिक्षाधिकारी के आदेश पर दोबारा खाना बनाने पर स्कूल स्टाफ ने मिड-डे मील बच्चों को न देकर कूड़े के ढेर पर फेंक दिया। पीड़िता की शिकायत पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
मोरना के गांव खाइखेड़ा के प्राइमरी विद्यालय में 2011-12 से कार्यरत रसोई माता कविता सैनी ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि विद्यालय को गांव का एक व्यक्ति संचालित करता है। आरोप है कि उसका सभी कार्यों में दखल रहता है। स्कूल के कमरों में श्रमिकों को भी ठहराता है। रसोई माता का आरोप है कि उसको उस व्यक्ति और स्कूल इंचार्ज अध्यापिका ने कुष्ठ रोगी बताते हुए स्कूल से निकाल दिया था। खंड शिक्षाधिकारी व खंड विकास अधिकारी के आदेश पर रसोई माता कविता ने स्कूल जाना प्रारंभ किया। आरोप है कि इंचार्ज अध्यापिका ने उसकी उपस्थिति दर्ज करने से इंकार कर दिया। आरोप है कि उसको कुष्ठ रोगी बताकर बच्चों के लिए बनाया गया खाना कूड़े के ढेर पर फेंक दिया। पीड़ित ने पुन: डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेकर रसोई माता को तंग करने की जांच करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में एबीएसए जितेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से रसोई माता को रख लिया गया था। फिर किसी मामले में रसोई माता ने डीएम से शिकायत की है। इस मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।