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13 नगर निकायों पर 3.62 करोड़ जुर्माना

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मुजफ्फरनगर। नदियों में नालों का प्रदूषित पानी डालने पर 13 नगर निकायों पर तीन करोड़ 62 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें मुजफ्फरनगर के सात और शामली के छह निकाय शामिल हैं। कई नोटिसों के बाद भी इन निकायों ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू नहीं किए। अब माघ मेला भी आने वाला है। ऐसे में गंगा और यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
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जनपद में बहने वाली काली पश्चिमी, काली पूर्वी (नागिन), हिंडन तथा शामली की कृष्णा नदी के किनारे बसे नगर निकायों के नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में डाला जा रहा है। इन नदियों के जरिए ये प्रदूषित पानी गंगा या यमुना में जाता है, जिससे ये नदियां भी प्रदूषित होती हैं। अमर उजाला ने 17 जून 2019 के अंक में काली नदी के प्रदूषित होने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके अतिरिक्त एसटीपी प्लांट नहीं चलने का मामला भी समय-समय पर उठाया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक राय ने बताया कि मुजफ्फरनगर नगर पालिका का पानी बिना ट्रीटमेंट किए काली पश्चिमी नदी में डाला जा रहा है। पुरकाजी नगर पंचायत के नाले भी सीधे इसी नदी में गिर रहे हैं। खतौली पालिका क्षेत्र का पानी काली पूर्वी में जा रहा है। इसके अतिरिक्त पुरकाजी, बुढ़ाना, सिसौली, शाहपुर, चरथावल नगर पंचायतों से निकलने वाले नाले हिंडन नदी में गिर रहे हैं। काली पूर्वी नदी गंगा में तथा अन्य नदियां यमुना में जाकर गिरती हैं। नदियों को प्रदूषित करने पर मुजफ्फरनगर के सात नगर निकायों पर दो करोड़ 12 लाख 82 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उधर, शामली जनपद के छह नगर निकायों पर 1.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें नगर पालिका परिषद शामली, कांधला, नगर पंचायत थानाभवन, जलालाबाद, बनत एवं गढ़ी पुख्ता शामिल हैं। ये भी नगर निकाय कृष्णी नदी के किनारे बसे हैं। इन नगर निकायों का गंदा पानी सीधे इसी नदी में गिरता है। गंगा और यमुना को प्रदूषित करने पर इन नगर निकायों पर कार्रवाई की गई है। जनवरी माह में प्रयागराज में माघ मेला भी है। इसे लेकर भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त है।
एसटीपी लगा लेकिन संचालित नहीं
मुजफ्फरनगर में नालों के गंदे पानी को ट्रीटमेंट करने के लिए 32 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा हुआ है लेकिन यह बंद पड़ा है। इसके अतिरिक्त एक प्लांट कृष्णापुरी में प्रस्तावित है लेकिन इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। नगर पालिका से प्रतिदिन 100 मिलियन लीटर प्रदूषित पानी प्रतिदिन काली नदी में गिरता है। अन्य सभी नगर निकायों ने भी नदी में डालने से पूर्व ट्रीट करने की कोई व्यवस्था ही नहीं की है।
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नगर निकायों का घरेलू उत्प्रवाह एवं लगाया जुर्माना
निकाय का नाम उत्प्रवाह (एमएलडी) लगाया जुर्माना
मुजफ्फरनगर 100 62.22 लाख
खतौली 1.50 25.10 लाख
बुढ़ाना 1.00 25.10 लाख
सिसौली 0.50 25.10 लाख
शाहपुर 0.50 25.10 लाख
चरथावल 1.00 25.10 लाख
जनपद शामली
शामली 15.00 25.00 लाख
कांधला 2.00 25.00 लाख
थानाभवन 2.50 25.00 लाख
जलालाबाद 0.50 25.00 लाख
बनत 2.00 25.00 लाख
गढ़ी पुख्ता 1.00 25.00 लाख
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