मुजफ्फरनगर। एआरटी सेंटर पर पंजीकृत 296 एचआइवी पाजीटिव मरीजों ने उपचार बीच में ही छोड़ दिया। मामले की गंभीरता समझते हुए हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे मरीजों की पड़ताल शुरू कर दी है। सभी को फोन कर उपचार प्रारंभ कराने के लिए जिला अस्पताल बुलाया जा रहा है। जिन मरीजों से फोन पर बात नहीं हो पा रही। स्वास्थ्य विभाग की टीमें उनके घर जा रही हैं। जनपद में 3500 से अधिक एचआइवी पाजीटिव पंजीकृत हैं।
एड्स के संक्रमण पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। जिला अस्पताल में 2004 में एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी सेंटर की शुरुआत की गई थी। तब से जनपद में 3500 से अधिक एचआइवी पाजीटिव मरीजों का पंजीकरण कर उपचार प्रारंभ किया जा चुका है। लेकिन इनमें से कुछ मरीजों ने उपचार बीच में ही छोड़ दिया। जिस पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया।