पुरकाजी। गेहूं की बुवाई तेजी से शुरु हो गई है। लेकिन किसानों को डीएपी नहीं मिल रही है। खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। गांव तुग़लकपुर निवासी किसान प्रताप सिंह का कहना है कि किसान सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। बाजार में जो डीएपी बिक रहा है, उसकी क्वालिटी सही नहीं है। एनपीके का प्रयोग करना पड़ रहा है। वह डीएपी की अपेक्षा महंगा पड़ता है। वह भी बाजार में नहीं मिल रहा है। जिस कारण गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है। रतनपुरी निवासी किसान सुभाषचंद का कहना है कि बाजार के साथ-साथ सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। जिस कारण गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है। इसके स्थान पर किसानों को एनपीके का प्रयोग करना पड़ रहा है, जो डीएपी की अपेक्षा महंगा पड़ता है। स्थानीय प्रशासन को किसानों को गेहूं की बुवाई के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए। किसान मनोज त्यागी का कहना है कि सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध न होने किसान परेशान हैं। एन पीके व दुकानों से डीएपी खरीदना पड़ रहा है जिसका कोई भरोसा नहीं है। अबकी बार गेहूं की फसल कमजोर होने की संभावना है।