बस की डिग्गी में बैठे छात्रों को बाहर निकालती पुलिस।
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जानसठ पुलिस ने कोतवाली के सामने वाहन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने बस की छत पर बैठकर सफर करने वाले छात्रों को डांट-फटकार कर नीचे उतारा। उसी समय कुछ छात्र बोले कि बस की डिग्गी में भी छात्र हैं।
बस की डिग्गी में छात्रों को देख पुलिस दंग रह गई। पुलिस ने छात्रों की क्लास ली और चेतावनी देकर जाने दिया। अक्सर छात्र इसी तरह से अपनी जान को जोखिम में डालकर सफर करते हैं।
मंगलवार को पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग अभियान के दौरान मुजफ्फरनगर से मीरापुर रूट पर चलने वाली प्राइवेट बस आ रही थी। बस की छत पर बैठे और जाल पर तीन दर्जन से अधिक छात्रों के लटकते हुए सफर करते देखकर पुलिस ने बस को रुकवा लिया।
एसएसआई मनोज कुमार यादव ने बस चालक-परिचालक और छात्रों को हड़क़ाया और कार्रवाई की चेतावनी दी। छात्रों के बताने पर पुलिस ने बस की डिग्गी खुलवाकर देखी तो उसमें छात्रों को देख पुलिस दंग रह गई। पुलिस ने छात्रों को डिग्गी से बाहर निकाला और उनकी जमकर क्लास ली।
छात्रों के माफी मांगने पर उन्हें जाने दिया। ये सभी छात्र मुजफ्फरनगर के एक स्कूल में पढ़ते हैं। मुजफ्फरनगर से ही छात्र बस में इसी तरह से बैठकर आ रहे थे। पुलिस ने बस चालक-परिचालक को हडकाते हुए भविष्य में ऐसी गलती न होने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।
पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान 29 वाहनों के चालान काटे और एक बाइक को सीज कर 2600 रुपये का समन शुल्क वसूल किया। चेकिंग अभियान में एसआई नवीन कुमार, सीमा त्यागी, मोहम्मद इमरान, देवेश शर्मा, सौरभ आदि मौजूद रहे।