अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। वित्तीय वर्ष खत्म हुए तीन माह बीत जाने के बावजूद जिला पंचायत का अभी तक शत प्रतिशत बजट खर्च नहीं हो सका है। खाते में करीब 27 करोड़ रुपये शेष है। दिलचस्प बात यह है कि नए वित्तीय वर्ष का अभी बजट नहीं मिला है, जिस कारण एक भी कार्य शुरू नहीं हो पाया।
जिले के विभिन्न हिस्सों में विकास कार्य कराने में जिला पंचायत की अहम भूमिका है। शुकतीर्थ में साल में दो बार मेलों का आयोजन भी होता है। देहात क्षेत्र में विकास पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जाता है। लेकिन बजट खर्च करने की रफ्तार धीमी है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट ही अभी खर्च नहीं हुआ। कुल 39.64 करोड़ रुपये के मुकाबले सिर्फ 11.95 करोड़ रुपये अभी तक खर्च हुए हैं। नया वित्तीय वर्ष शुरू हो चुका है, लेकिन पुराने की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
समय पर प्रक्रिया शुरू नहीं होने की वजह से कईं महत्वपूर्ण विकास कार्य लटके हैं। सीसी रोड के कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं।
n कांवड़ यात्रा पर खर्च होता है बजट : कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। जिला पंचायत कांवड़ यात्रा पर भी बड़ा बजट खर्च करता है। मुख्य मार्गेां के गड्ढे भरने के अलावा सफाई व्यवस्था और कांवड़ शिविर भी लगाए जाते हैं। विभाग में इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।