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Muzaffarnagar News: भर पेट नहीं मिल रही पोषित खुराक, उबर नहीं पाए 2508 बच्चे

Fri, 01 Aug 2025 11:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से कराए गए सर्वे के दौरान जनपद के 8659 बच्चे कुपोषित पाए गए थे। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उपचार शुरू कराया गया। गंभीर रूप से कुपोषण की समस्या झेल रहे बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र भर्ती कराया गया। जहां अलग-अलग समय कुपोषित बच्चों को 14 दिन भर्ती रखकर उपचारित किया गया।

पौष्टिक भोजन न मिल पाने के कारण बच्चों में शारीरिक और मानसिक कमजोरी सामने आ रही है। मई और जून माह के दौरान बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से सर्वे कराया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से की गई जांच में सामने आया कि जनपद के 8659 बच्चे कुपोषण की समस्या से जूझ रहे हैं।
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इनमें 7147 बच्चे कुपोषित और 1512 बच्चे अति कुपोषित पाए गए। इसके बाद उक्त बच्चों को आगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार आदि का वितरण करने के साथ उपचारित किया गया। उपचार के बाद 5125 बच्चे कुपोषण और 1026 बच्चे अति कुपोषण की अवस्था से बाहर आए। बाकी 2508 बच्चों को कुपोषण की समस्या से बाहर लाने के लिए उपचार दिया जा रहा है।
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पर्याप्त भोजन की कमी के कारण पनपती है समस्या
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभारी एसीएमओ डॉ.अशोक कुमार ने बताया कि कुपोषित बच्चों को उपचारित कराया जा रहा है। बताया कि पर्याप्त भोजन की कमी और बच्चों के लगातार बीमार रहने के कारण भी कुपोषण की समस्या पैदा होती है। बताया कि अक्सर बीमारियों के कारण भी शरीर पोषक तत्वों को अवशोषित करने में सफल नहीं हो पाता।

बच्चों में कुपोषण के लक्षण
- बच्चों में कमजोरी और थकान होना।
- बच्चों का बार-बार बीमार पड़ना।

- वजन घटना या कम वजन होना।

- बच्चों के शारीरिक विकास में देरी।
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