मुजफ्फरनगर। ग्रामीण अंचल की स्वास्थ्य सेवाएं अब और बेहतर होंगी। स्वास्थ्य विभाग को 25 नए एमबीबीएस डॉक्टर मिले हैं, जिन्हें शासकीय सेवा बांड के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त कर दिया गया है।
लंबे समय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। इससे गांव के बीमारों को इलाज में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में अंडर सीएमओ एमबीबीएस चिकित्सक के सृजित पदों के सापेक्ष आधे चिकित्सकों की भी तैनाती नहीं है।
शासन की नई व्यवस्था के तहत एबीबीएस करने वाले चिकित्सकों को अब दो वर्ष तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सेवा देनी होगी। सेवा न देने वाले चिकित्सकों को 10 लाख रुपये स्वास्थ्य महानिदेशालय को जमा कराना होगा। उसके उपरांत ही वे निजी क्षेत्र में प्रेक्टिस के लिए अर्ह होंगे।
सीएमओ डॉ.सुनील तेवतिया ने बताया कि जनपद में शासन की ओर से 27 एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। जिनमें से 25 की ओर से ज्वाइनिंग कर ली गई है।
बताया कि डॉ.अरुणिमा चन्द्रा की ओर से ज्वाइनिंग नहीं की गई है। उनकी ओर से अवगत कराया गया है कि उन्होंने नियमानुसार 10 लाख रुपये का चेक महानिदेशालय लखनऊ में जमा करा दिया है। बताया कि डॉ.आकाश देशवाल की इंटर्नशिप पूर्ण नहीं हुई है। इसलिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आवंटित नहीं किया गया है।