महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव जेपी सगर ने कहा कि बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। मगर, अभी भी बेटियों के अधिकार अधूरे हैं। प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए सरकार ने अनेक योजनाएं लागू की है।
श्रीराम कॉलेज के सभागार में आकांक्षा समिति के निर्देशन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सचिव जेपी सगर ने कहा कि बेटियों को बेटों के समान शिक्षा मिलनी चाहिए। चिंताजनक है कि अभी भी बेटियों को समाज की उपेक्षा का दंश झेलना पड़ता है। सरकार ने प्रदेश के जिला चिकित्सालय और सीएचसी पर एक पालना रखने की व्यवस्था की है ताकि बेटियों को बचाया जा सके। शिक्षा के साथ जेईई, नीट, नेट, कैट जैसी परीक्षाओं में बेटियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। सगर ने रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष योजना की विस्तृत जानकारी दी।
डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि नवरात्र पर कन्या भोज भारत की संस्कृति है। बेटियों की संवेदना और गरिमा को हौसला दें। समाज में उपेक्षित बेटियों को संरक्षण दें। उनकी शिक्षा में सहयोग करें। बेटियां वरदान हैं। महिला ग्राम प्रधान गांव के विकास में आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। आकांक्षा समिति की अध्यक्ष सुधा शर्मा ने कहा कि सामाजिक संगठन और स्वैच्छिक संस्थाएं बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए समाज को जागरूक करें। श्रीराम ग्रुप के चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ, बीना शर्मा आदि ने विचार रखे।