रामनिवास ने बीस साल से नहीं पिया पानी
मुजफ्फरनगर। जल बचाने के लिए एक शिक्षक ने बीते 20 साल से पानी ही नहीं पिया। शरीर में पानी की पूर्ति रात्रि में दूध और सुबह चाय और हरी सब्जियों से ही करते हैं। बड़ी बात यह है कि 85 वर्षीय रामनिवास त्यागी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें कोई बीमारी नहीं है।
शाहपुर क्षेत्र के गांव धनायन निवासी मास्टर रामनिवास त्यागी ने 13 सितंबर 1997 से पानी नहीं पिया है। त्यागी का कहना है कि गांव में कुएं, तालाब खत्म हो गए हैं। छोटे नल नहीं रहे। नदी-नाले सूख रहे हैं। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने जल बचाने का निर्णय लिया। प्रारंभ के एक साल तो उन्हें प्राब्लम हुई, अब आदत सी पड़ गई है। अब तो रिश्तेदार और परिचित भी उन्हें पानी नहीं पूछते हैं। सबको पता चल गया है कि वह पानी नहीं पीते। करीब चार दशक तक एक अध्यापक के रूप में बच्चों को शिक्षा देने वाले त्यागी कहते हैं कि उनका संदेश यह है कि पानी पियो, लेकिन बर्बाद न करो। त्यागी कहते हैं कि उनके शरीर में पानी की पूर्ति दूध और चाय से हो जाती है। सुबह को वह चाय और रात्रि में दूध लेते हैं। भोजन के साथ हरी सब्जी भी पानी की पूर्ति करता है। अलग से वह पानी कतई नहीं लेते हैं।
दूध-चाय से हो जाती है पूर्ति
मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुशील राजवंशी का कहना है कि जीवित रहने के लिए 40 एमएल पानी की आवश्यकता है। दूध और चाय में 95 प्रतिशत पानी ही है। दूध और चाय से शरीर में पानी की पूर्ति होने से ही शरीर चल रहा है।