किसानों के पैसे से हुई है कर्जा माफी
मुजफ्फरनगर। योगी सरकार ने मंगलवार को अपना पहला बजट पेश किया। बजट में विद्यार्थियों से लेकर किसानों तक को राहत देने के दावे किए गए हैं। प्रदेश में बड़ी राशि खर्च कर विकास करने के वादे किए गए हैं। बजट से किसान और नेता कोई खास इत्तेफाक नहीं रखते हैं। वहीं, व्यापारियों को भी योगी सरकार कोई खास तवज्जों नहीं दे सकी है। नेताओं, किसानों से लेकर व्यापारियों ने बजट को वादों में उलझा हुआ करार दिया है।
सपा नेता चंदन चौहान ने कहा कि बड़े-बड़े वादे कर भाजपा ने सरकार बनाई है। बेसिक मूल्यों से हटकर बजट पेश किया गया है। किसानों की कर्ज माफी के अलावा उनके लिए कोई खास योजना नहीं रखी है। छात्रों को यूनिफार्म, बैग आदि देने की सपा सरकार की योजनाएं थीं, जिन पर योगी सरकार अपनी वाहवाही लूटना चाह रही है। व्यापारी संजय मित्तल ने कहा कि बजट में पूर्व सरकारों की भांति कोई खास बजट नहीं है। व्यापारियों के लिए कुछ नहीं दिया है। गिरते उद्योगों और कारोबार को बढ़ावा देने की बजट में कोई योजना नहीं है। व्यापारी वर्ग के लिए बजट निराश करना वाला है। योगी सरकार ने बजट में अपने वादे गिनाए हैं।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि योगी सरकार भी पूर्व की सरकारों जैसी निकली। प्रदेश के किसानों से 50 हजार करोड़ लेकर 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। चीनी उद्योग के लिए 236 करोड़ रुपये रखे हैं। जबकि किसानों के लिए मात्र 10 करोड़ की योजना दिखाकर छल किया गया है। योगी सरकार बजट से उद्योगपतियों को खुश कर रही है। किसानों और उसकी समस्या से कोई सरोकार नहीं है।
सराफा सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि बजट निराश करने वाला है। आम लोगों के लिए कोई खास नहीं है। स्वास्थ्य के साथ दैनिक स्तर की कोई योजना नहीं है। वादों से पुता हुआ बजट पेश कर योगी सरकार प्रदेश की जनता को धोखा देने का काम रही है। यह हर वर्ग को निराश करने वाला है।